अलवर में रविवार को होगा हवन व पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम
मिशनसच न्यूज,अलवर। दिगम्बर जैनाचार्य वसुनन्दी महाराज के सुशिष्य उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ससंघ के सानिध्य में अलवर के एक दर्जन से अधिक जैन मंदिरों में चल रहा णमोकार जाप्यानुष्ठान अपने अंतिम चरण में है। इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन 9 नवम्बर को हवन, विधान और पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम के साथ होगा।
इस अवसर पर स्कीम नं. 10 स्थित जैन भवन में विशाल पाण्डाल सजाया गया है, जहां कृत्रिम समवशरण भी बनाया गया है जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कार्यक्रम स्थल पर जैन मंदिर को रोशनी से सुसज्जित किया गया है।
चातुर्मास समिति के संयोजक पवन जैन चौधरी ने बताया कि शनिवार को श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा संपन्न हुई तथा श्रीजी को विधिवत् विराजमान किया गया।
इस अवसर पर उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ने कहा कि णमोकार मंत्र की उपासना जीवन में सबसे श्रेष्ठ साधना है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति णमोकार मंत्र का निरंतर जाप करता है, उसका जीवन सदैव धर्ममय और शांत रहता है।”
कार्यक्रम में मुनि पुण्यानन्द महाराज व मुनि धैर्यानन्द महाराज भी ससंघ उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि 9 नवम्बर को प्रातः 6.30 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 8.30 से 10 बजे तक णमोकार जाप्यानुष्ठान, इसके बाद पिच्छी परिवर्तन और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन प्रातः 11.30 बजे हवन से होगा।
श्री दिगम्बर जैन पल्लीवाल मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन ने बताया कि इस जाप्यानुष्ठान में अलवर जिले सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
अनुष्ठान के तीसरे दिन 10 नवम्बर को प्रातः अभिषेक, शांतिधारा और प्रवचन के पश्चात उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज का दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल : जैन भवन, स्कीम नं. 10, अलवर
मुख्य कार्यक्रम : 9 नवम्बर (रविवार)
समापन हवन : प्रातः 11.30 बजे
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