More
    Homeदेशउत्तराखंड के हिमालयी घास से बने गर्म कपड़े की बंपर डिमांड........पारंपरिक गर्माहट...

    उत्तराखंड के हिमालयी घास से बने गर्म कपड़े की बंपर डिमांड……..पारंपरिक गर्माहट और शिल्प की खुशबू 

    नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में इस बार उत्तराखंड पवेलियन खरीदारों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। खासतौर पर यहां पारंपरिक ऊनी वस्त्रों के स्टॉल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में आगंतुक आ रहे हैं। उत्तराखंड की पारंपरिक गर्माहट और स्थानीय शिल्प की खुशबू इन उत्पादों में साफ झलकती है, इसकारण खरीदारों की दिलचस्पी उम्मीद से कहीं अधिक दिख रही है।
    हाल नंबर-2 में मौजूद स्टॉल पर हिमालयी घास और प्राकृतिक ऊन से तैयार किए वस्त्र सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बने हैं। यहां उपलब्ध ऊनी कोट, शॉल, मफलर, टोपी, दस्ताने और मोजे न केवल डिजाइन और  गुणवत्ता में बेहतरीन हैं, बल्कि कठोर ठंड में बेहतर सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। हल्के वजन और प्राकृतिक तासीर वाले ये उत्पाद ग्राहकों के लिए बड़े आकर्षण का कारण बने हैं।
    एक दुकानदार ने बताया कि इस बार मेला में खरीदारों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा है। लोगों में पारंपरिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को लेकर उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हिमालयी घास से बने गर्म कपड़े  सबसे ज्यादा बिक रहे हैं, क्योंकि ये हल्के होने के बावजूद अत्यधिक गर्माहट देते हैं। साथ ही इन्हें उत्तराखंड के लोकल शिल्पकारों द्वारा हाथों से तैयार की जाती है, जिससे कारीगरों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होती है।
    मेला घुमाने आए कई उपभोक्ताओं ने बताया कि इस तरह के प्राकृतिक, टिकाऊ और आकर्षक डिजाइन वाले वस्त्र आम बाजारों में आसानी से उपलब्ध नहीं रहते है। पारंपरिक कला और आधुनिक उपयोगिता का सुंदर मेल इन उत्पादों को बेहतर बनाता है। मेला में आगामी दिनों में उत्तराखंड पवेलियन पर और अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना है। ठंड में वृद्धि के साथ ही ऊनी वस्त्रों की बिक्री और तेजी पकड़ सकती है। स्थानीय कला, प्राकृतिक सामग्री और पारंपरिक तकनीक का अनोखा संगम इस वर्ष उत्तराखंड पवेलियन को मेले का प्रमुख आकर्षण बना रहा है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here