More
    Homeराजस्थानअलवरविश्व एड्स दिवस पर अलवर में जागरूकता प्रदर्शनी, अस्पताल परिसर में आयोजन

    विश्व एड्स दिवस पर अलवर में जागरूकता प्रदर्शनी, अस्पताल परिसर में आयोजन

    सामान्य चिकित्सालय अलवर में विश्व एड्स दिवस पर सक्षम महिला समिति और अन्य संस्थाओं द्वारा जागरूकता प्रदर्शनी लगाई गई। पोस्टर, चार्ट्स और परामर्श से लोगों को जागरूक किया गया।

    मिशनसच न्यूज | अलवर, 1 दिसम्बर।
    विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रविवार को अलवर के सामान्य चिकित्सालय परिसर में एचआईवी/एड्स जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एचआईवी/एड्स पर कार्य कर रही संस्थाओं—सक्षम महिला समिति, शांति एवं मंडल—की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील चौहान ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी और मरीज अस्पताल परिसर में उपस्थित रहे।

    अस्पताल परिसर में लगाए गए स्टॉलों और पोस्टर प्रदर्शनी में एचआईवी/एड्स से जुड़ी मूलभूत जानकारी, संक्रमण के मार्ग, रोकथाम के उपाय, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच उन भ्रांतियों को दूर करना था जो लंबे समय से एड्स से जुड़ी सामाजिक धारणाओं के कारण फैल चुकी हैं।

    प्रदर्शनी में उपलब्ध कराए गए चार्ट्स और सूचना सामग्री के माध्यम से लोगों को बताया गया कि एचआईवी/एड्स का संक्रमण केवल असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, संक्रमित सुई या प्रसव/स्तनपान के माध्यम से ही हो सकता है। आयोजकों ने स्पष्ट कहा कि हाथ मिलाने, साथ बैठने, भोजन साझा करने या सामान्य संपर्क से एचआईवी संक्रमित नहीं होता है। इसलिए रोग से संबंधित सामाजिक दूरी और भेदभाव को खत्म करना आज भी बड़ी आवश्यकता है।

    राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी से जुड़े हेमराज सैनी ने बताया कि फंड की कमी के कारण शहर में बड़े स्तर पर स्टॉल और व्यापक कैंपेन आयोजित नहीं किए जा सके। हालांकि सामान्य चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शनी लगाकर लोगों तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि “आज भी कई लोग एड्स को लेकर गलतफहमियों का शिकार हैं। हमारा लक्ष्य इन भ्रांतियों को दूर करना, समय पर परीक्षण करवाने की जागरूकता बढ़ाना और संक्रमित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।”

    उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस रोग की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि व्यक्ति समय पर जांच करवा लेता है और संक्रमित मरीज समय पर उपचार शुरू कर देता है तो जीवन सामान्य रूप से जिया जा सकता है। सैनी ने बताया कि राज्य सरकार और RSACS समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाती रहती है, जिनमें स्कूल–कॉलेज, उद्योगों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया जाता है।

    प्रदर्शनी में आए लोगों ने पोस्टरों, चार्ट्स, वीडियो सामग्री और परामर्श सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। नर्सिंग स्टाफ ने लोगों को बताया कि अस्पताल में एचआईवी/एड्स की जांच पूरी तरह गोपनीय और निःशुल्क होती है। वहीं विशेषज्ञ परामर्शदाता ने सुरक्षित दांपत्य जीवन, कंडोम के उपयोग और परामर्श सेवाओं की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में इसी तरह के कार्यक्रमों को अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी आयोजित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंच सके और एड्स मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें। https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क https://missionsach.com/category/india#google_vignette

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here