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    नए साल पर महाकाल मंदिर में दर्शन की नई प्रक्रिया, 25 दिसंबर से लागू होगी नई प्रणाली

    उज्जैन | उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में नए साल के स्वागत की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। हर साल दिसंबर के अंत से लेकर जनवरी के पहले हफ्ते तक यहां लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। इस बार भी भीड़ का अनुमान इतना बड़ा है कि प्रशासन ने पहले ही दर्शन व्यवस्था में जरूरी बदलावों का फैसला कर लिया है। मंदिर परिसर से लेकर महाकाल लोक तक सुरक्षा व संचालन टीमों की तैनाती बढ़ाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बिना अव्यवस्था के सुगम दर्शन मिल सकें।

    25 दिसंबर से लागू होने वाली यह नई प्रणाली इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले साल भीड़ के कारण कई बार व्यवस्था लड़खड़ा गई थी। इस बार प्रशासन का उद्देश्य साफ है, भीड़ चाहे जितनी आए, दर्शन निर्बाध हों, और भक्तों को आरामदायक अनुभव मिले। आइए जानते हैं कि आखिर क्या-क्या बदलाव किए गए हैं, कौन-से नियम लागू होंगे और भक्तों के लिए इसका क्या मतलब है।

    नई दर्शन व्यवस्था क्यों लागू की गई?

    महाकाल मंदिर में दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नए साल तक असाधारण भीड़ उमड़ती है। खासकर 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। पिछले साल भीड़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था कई घंटे इंतजार, लंबी कतारें, ऑक्सीजन की कमी से जूझते बुजुर्ग भक्त, और सुरक्षा टीमों पर भारी दबाव देखा गया था। इस बार प्रशासन पहले से तैयार रहना चाहता है। जिससे की भीड़ की गति नियंत्रित रहे, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को परेशानी न हो, दर्शन में व्यवधान न आए इन्हीं वजहों से 25 दिसंबर से दर्शन व्यवस्था में बदलाव लागू किए जाएंगे, ताकि पूरा तंत्र नए साल की भीड़ को संभालने के लिए मजबूत रहे।

    महाकाल मंदिर की नई व्यवस्था क्या बदलेगा

     25 दिसंबर से प्रवेश और निकास मार्ग में बदलाव

    इस बार श्रद्धालुओं को मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग से नियंत्रित संख्या में ही आगे भेजा जाएगा। मंदिर परिसर में भीड़ को बैचेस में प्रवेश दिया जाएगा। महाकाल लोक की ओर से आने वाले रास्तों पर अतिरिक्त बैरिकेड्स लगाए जाएंगे। डीजी सेट, कंट्रोल रूम और CCTV की निगरानी 24 घंटे सक्रिय रहेगी। प्रशासन का कहना है कि नए मार्ग से भीड़ का दबाव कम होगा और श्रद्धालु तेजी से गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे।

    भस्म आरती के लिए सख्त नियम

    हर साल नए साल पर भस्म आरती में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इस बार केवल ऑनलाइन बुकिंग वाले ही भस्म आरती में प्रवेश पाएंगे, बिना पास के कोई भी भक्त आरती स्थल तक नहीं पहुंच सकेगा, सुरक्षा जांच पहले से ज्यादा कड़ी होगी, यह नियम इसलिए भी लागू किया जा रहा है, ताकि आरती स्थल पर भगदड़ या ओवरक्राउडिंग जैसी स्थिति न बने।

    दर्शन के समय में बदलाव

    नए साल की भीड़ को ध्यान में रखते हुए दर्शन के समय में हल्का बदलाव किया जा सकता है। मंदिर सुबह जल्दी खुलेगा, भीड़ बढ़ने पर प्रशासन समय को सुबह या शाम में बढ़ा सकता है, कुछ विशेष क्षेत्रों में वन-वे सिस्टम लागू करने की तैयारी है, इससे भक्तों की कतार आगे बढ़ती रहेगी और रुकावट कम होगी।

     VIP दर्शन पर भी नई व्यवस्था का असर

    भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन को भी नियंत्रित किया जाएगा। VIP प्रवेश के लिए अलग गेट, सीमित संख्या में पास, सामान्य भक्तों के दर्शन में कोई बाधा न आए, यह सुनिश्चित किया जाएगा, प्रशासन का मानना है कि भीड़ के समय VIP पास अनियंत्रित न हों, इसलिए इस हिस्से पर भी नया नियंत्रण जरूरी है।

    महाकाल लोक में भी होगी विशेष व्यवस्था

    महाकाल लोक की सुंदरता नए साल पर बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस बार महाकाल लोक में पैदल चलने वाले मार्गों की साफ-सफाई और लाइटिंग बढ़ाई जाएगी, सुरक्षा और महिला पुलिस बल की संख्या दोगुनी की जाएगी, गाइडिंग टीम्स शाम तक सक्रिय रहेंगी, पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त स्टाफ तैनात रहेगा, उज्जैन प्रशासन चाहता है कि महाकाल लोक आने वाला हर यात्री नए साल की शुरुआत एक सुरक्षित और शांत माहौल में करे।

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