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    मऊगंज में प्रशासन बनाम जन आंदोलन, ठंड में खुले आसमान के नीचे अनशन

    Mauganj Protest अब प्रशासनिक दफ्तरों तक सीमित न रहकर सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। कलेक्टर के निज सचिव पंकज श्रीवास्तव को हटाकर उनके मूल पद पर भेजने की मांग को लेकर ‘मऊगंज के अन्ना हजारे’ कहे जाने वाले मुद्रिका प्रसाद द्वारा प्रस्तावित अनशन को प्रशासन ने शुरू होने से पहले ही रोकने की कोशिश की। कलेक्ट्रेट गेट के सामने लगाए जाने वाले टेंट को जब्त कर लिया गया, जिससे आंदोलनकारी भड़क उठे।

    टेंट हटते ही प्रदर्शनकारियों ने खुले आसमान के नीचे ही अनशन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कलेक्ट्रेट परिसर के सामने “कलेक्टर चोर है” जैसे तीखे नारे गूंजने लगे। यह नजारा साफ तौर पर प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है।

    Mauganj Protest की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि 10 डिग्री सेल्सियस की कड़ाके की ठंड में आंदोलनकारी पूरी रात डटे रहे। हैरानी की बात यह रही कि रातभर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हालचाल तक नहीं लिया। आंदोलन में 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौजूदगी ने इस विरोध को और भावनात्मक बना दिया।

    आंदोलनकारियों का आरोप है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पंकज श्रीवास्तव, जिनकी मूल पदस्थापना शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज में है, उन्हें नियमों की अनदेखी कर कलेक्टर कार्यालय में प्रभावशाली पद पर बैठाया गया है। इसके अलावा, उन पर छात्रावास में वार्डन नियुक्ति के नाम पर 1 लाख 12 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।

    प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। Mauganj Protest अब सिर्फ एक पदस्थापन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि भ्रष्टाचार, प्रशासनिक मनमानी और संवेदनहीनता के खिलाफ उभरता जनआक्रोश बन चुका है।

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