णमोकार महामंत्र बैंक की शाखा का आयोजन
मिशनसच न्यूज, जयपुर। परम पूज्य आर्यिका शिरोमणि गणिनी प्रमुख श्री 105 ज्ञानमति माताजी द्वारा शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 8 अक्टूबर 1995 को गठित णमोकार महामंत्र बैंक की जयपुर शाखा के तत्वावधान में णमोकार महामंत्र जाप्य लेखकों का भव्य सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। यह आयोजन 14 दिसम्बर 2025, रविवार प्रातः 9.30 बजे श्री महावीर साधना संस्थान, अहिंसा पथ, महावीर नगर में आयोजित किया गया।
समिति अध्यक्ष हरक चन्द बडजात्या (हमीरपुर वाले) ने बताया कि गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी द्वारा प्रवर्तित समवशरण रथ के जयपुर आगमन से प्रेरित होकर वर्ष 1999 में विमल कुमार सोगाणी के प्रथम अध्यक्षत्व में श्री चन्द्रप्रभ जिनालय, दुर्गापुरा में आयोजित विचार गोष्ठी के दौरान णमोकार महामंत्र बैंक संचालन समिति जयपुर का गठन किया गया था। तब से निरन्तर समिति द्वारा णमोकार महामंत्र जाप्य पुस्तिकाओं का वितरण कर श्रद्धालुओं से मंत्र लेखन करवाया जा रहा है। गणिनी माताजी के जन्म दिवस शरद पूर्णिमा पर इन पुस्तिकाओं का संग्रहण कर जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर भेजा जाता है, जहाँ से प्राप्त प्रमाण पत्रों का वितरण वर्ष 2000 से प्रतिवर्ष नियमित रूप से किया जा रहा है।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने की। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रेष्ठी महावीर कुमार एवं श्रीमती उषा गोदिका ने अपने अमेरिका से आए सुपुत्र-सुपुत्री के साथ भगवान महावीर के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्ज्वलन किया। श्राविका श्रीमती मंजू जैन सेवा वाले एवं श्रीमती सन्तोष चान्दवाड द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी जाप्य लेखकों ने सस्वर णमोकार महामंत्र का पाठ किया।
समिति मंत्री महावीर कुमार चान्दवाड ने बताया कि समारोह में न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन, महावीर साधना संस्थान के मंत्री सुरेश कुमार जैन, मुख्य अतिथि विद्या प्रमाण रियल्टी के विनोद कुमार एवं विभोर कुमार छाबड़ा, विशिष्ट अतिथि पवन कुमार एवं श्रीमती गुणमाला लुहाडिया (रायथल वाले), सहयोगी विजय कुमार वैद, विनोद कुमार वैद, श्रीमती चन्द्रकान्ता जैन, इन्द्र चन्द जैन, जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, श्रीमती अनिता बड़जात्या सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों का तिलक, माल्यार्पण एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
समारोह में कुल 319 जाप्य लेखकों को सम्मानित किया गया, जिनमें 39 हीरक, 93 स्वर्ण एवं 187 रजत पदक धारक शामिल रहे। इन लेखकों द्वारा कुल 1 करोड़ 46 लाख 18 हजार णमोकार महामंत्रों का लेखन कर जाप्य पुस्तिकाएं जमा कराई गईं। सभी लेखकों को गुलाब चन्द्र–सुभाष चन्द गंगवाल परिवार की ओर से प्रतीक चिन्ह तथा हस्तिनापुर से प्राप्त प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विद्वान पंडित श्री राजेश कुमार गंगवाल ने 84 लाख मंत्रों के जनक णमोकार महामंत्र के महात्म्य को विस्तार से समझाया। समिति उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन ने बताया कि अब तक जाप्य लेखकों द्वारा कुल 1 अरब 46 करोड़ 18 लाख मंत्रों का लेखन पूर्ण किया जा चुका है।
कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष श्री हरक चन्द बडजात्या ने उपस्थित सभी अतिथियों, दानदाताओं, प्रेरकों एवं जाप्य लेखकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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