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    “धमकी, विवाद और डर! शिकारीपाड़ा थाने पहुंचे पत्थर कारोबारी; क्या झारखंड के पत्थर उद्योग पर फिर मंडरा रहा है खतरा?

    दुमका : पत्थर व्यवसायी वरुण सिंह सिसोदिया ने शिकारीपाड़ा थाना में दिए आवेदन में बताया है कि थाना क्षेत्र के मौजा घाट हरिपुर नंबर 23, जमाबंदी नंबर 46 तथा प्लॉट नंबर 363 एवं 364 की जमीन उन्होंने ग्रामीणों की सहमति एवं रैयत की स्वीकारोक्ति से क्रेशर संचालन के लिए प्राप्त की थी. इसी क्रम में उक्त स्थल पर बोल्डर गिरवाया गया था.

    पूर्व परिचित द्वारा धमकी देने का आरोप

    आवेदन के अनुसार, बीरभूम जिला के रामपुरहाट निवासी राजेश भगत उर्फ पिंटू, जो पूर्व से परिचित है, को स्थल की जानकारी थी. आरोप है कि राजेश भगत ने स्थल पर पहुंचकर वरुण सिंह सिसोदिया को धमकी दी.

    बोल्डर उठाने की घटना का उल्लेख

    वरुण सिंह सिसोदिया ने आवेदन में लिखा है कि 16 दिसंबर को प्लॉट पर रखा सारा बोल्डर राजेश भगत उर्फ पिंटू द्वारा उठा लिया गया. अगले दिन 17 दिसंबर को जब उन्होंने स्थल पर पहुंचकर जांच की तो बोल्डर गायब पाया गया.

    फोन पर धमकी देने का आरोप

    बोल्डर गायब मिलने के बाद वरुण सिंह सिसोदिया ने राजेश भगत से फोन पर संपर्क किया. आरोप है कि बातचीत के दौरान राजेश भगत आग बबूला हो गया और कहा कि वह “ब्रांड” है और कुछ भी कर सकता है.

    थाना को दी गई प्रारंभिक सूचना

    इस घटना की जानकारी 17 दिसंबर को मोबाइल के माध्यम से शिकारीपाड़ा थाना को दी गई. हालांकि ग्रामीणों और अन्य व्यवसायियों की सलाह पर उस समय लिखित आवेदन नहीं दिया गया.

    झूठा सनहा दर्ज कराने का आरोप

    आवेदन में कहा गया है कि 23 दिसंबर 2025 को जानकारी मिली कि राजेश भगत उर्फ पिंटू ने शिकारीपाड़ा थाना में सनहा दर्ज कराया है, जिसमें वरुण सिंह सिसोदिया पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. वरुण सिंह सिसोदिया ने इसे सरासर झूठा बताया है.

    स्थल से हटाने की साजिश का आरोप

    वरुण सिंह सिसोदिया का कहना है कि राजेश भगत की मंशा उन्हें उक्त स्थल से दूर करने की है और इसी उद्देश्य से उनके खिलाफ झूठा आरोप लगाया गया है.

    थाना प्रभारी से की गई मांग

    थाना में दिए आवेदन में वरुण सिंह सिसोदिया ने थाना प्रभारी से निवेदन किया है कि मामले पर विचार करते हुए उचित दिशा-निर्देश दिए जाएं और राजेश भगत को कानून के दायरे में रहने की सलाह दी जाए, ताकि मानसिक पीड़ा समाप्त हो सके.

    थाना प्रभारी का बयान

    इस मामले में शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लकड़ा ने कहा है कि आवेदन प्राप्त हुआ है. मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.

     

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