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    झारखंड के MBBS छात्रों के लिए ‘5 साल’ का बड़ा बॉन्ड! मंत्री इरफान अंसारी का वो आदेश, जिससे बदल जाएगा डॉक्टरों का भविष्य

    झारखंड के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को झारखंड में 5 साल सेवा देनी होगी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कही. उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में एसओपी लाने जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए यह पहल की जा रही है.

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में झारखंड में 8 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे. इनमें से 4 मेडिकल कॉलेज प्रक्रिया में हैं. उन्होंने अगले 4 वर्षों में कोयलांचल को झारखंड का मेडिकल हब बनाने की बात कही. उन्होंने कोयलांचल में शिबू सोरेन के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाने का वादा किया.

    झारखंड में इस समय एम्स, रिम्स, निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर एमबीबीएस की 1255 सीटें हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दै कि डॉक्टरों से दुर्व्यवहार की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई होगी.

    धनबाद मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग बनेगी
    मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि धनबाद मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है. भविष्य में यहां एआई और रोबोटिक तकनीक से मरीजों का इलाज किया जाएगा. इससे गुणवत्तापूर्ण इलाज होगा.

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों से दुर्व्यवहार की शिकायत पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी लेकिन डॉक्टरों को भी यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार हो.

    धनबाद सदर अस्पताल में मंत्री ने 3 मरीजों को देखा
    गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का ओपीडी विजिट सुबह 11 बजे निर्धारित था. अस्पताल कैंपस में कई जगह पोस्टर लगा था. हालांकि, मंत्री 3 घंटे की देरी से 2 बजे ओपीडी पहुंचे और 3 मरीजों को देखा.

    सदर अस्पताल से निकलते समय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को घायल बच्चा दिखा. बच्चे को देख वह गाड़ी से उतरे और उसका हालचाल लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चे को समुचित इलाज मिले.

    आयुष्मान मरीजों को निजी हॉस्पिटल में मिलेगा इलाज
    मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आयुष्मान मरीजों को निजी अस्पतालों में सुविधा दिलाएंगे. उन्होंने कहा कि मैंने पहल की थी कि 50 से कम बेड वाले निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने पर रोक लगे क्योंकि वहां समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं होती.

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयुष्मान योजना के मरीजों का निजी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सका उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास कर रही है.

     

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