जैन समाज ने की भव्य अगवानी
अलवर। दिगम्बर जैन संत आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ का मंगलवार को धर्म जयकारों के बीच अलवर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज के पदाधिकारियों और सैकड़ों धर्मावलम्बियों ने बैण्ड–बाजों के साथ संत संघ की अगवानी की और श्रद्धा भाव से पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी।
संत संघ में कुल पाँच जैन संत शामिल हैं, जिन्होंने दोपहर में ए.पी.एस. के समीप से पद विहार प्रारंभ किया। इस धार्मिक यात्रा में जैन समाज के गणमान्य प्रतिनिधि, महिला–पुरुष और युवा बड़ी संख्या में कदम से कदम मिलाकर चले। संघ जैसे ही भगत सिंह चौराहे पर पहुँचा, वातावरण “विनिश्चय सागर महाराज की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। वहाँ से संतों को भव्य शोभायात्रा के रूप में स्थानीय स्कीम नं.10 स्थित जैन भवन लाया गया।
रास्ते में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने संतों का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन भवन पहुँचने पर समाज के पदाधिकारियों ने विधि–विधान से उनकी अगवानी की। मंगल प्रवेश के बाद सभी संतों ने जैन मंदिर में दर्शन किए और धर्मसभा को संबोधित किया।
आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन की चर्या को धर्म से जोड़कर ही मोक्षमार्ग की ओर बढ़ा जा सकता है। उन्होंने सत्य, अहिंसा, संयम और तप को अपनाने का आव्हान करते हुए कहा कि भौतिक चकाचौंध क्षणिक है, जबकि आत्मकल्याण शाश्वत लक्ष्य है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर–नारी उपस्थित रहे। संतों के अलवर आगमन से पूरे जैन समाज में हर्ष और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण है।
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