प्रोफेसरों ने कहा यह गलत है
मिशनसच न्यूज, अलवर। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय के तीन प्रोफेसरों को एपीओ किए जाने के आदेश को वापस लिए जाने पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। वहीं, एपीओ आदेश प्रत्याहारित होने के तुरंत बाद कार्यव्यवस्था पर अन्य महाविद्यालयों में भेजे जाने को प्रोफेसरों ने सरासर गलत और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग के 19 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत अलवर कला महाविद्यालय के भूगोल विभाग के आचार्य एवं पुस्तकालय प्रभारी डॉ. अशोक कुमार खटीक, लोक प्रशासन के सह-आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. महेश चंद गोठवाल तथा इतिहास के सहायक आचार्य सुंदरलाल बसवाल को पदस्थापन की प्रतीक्षा में एपीओ करते हुए आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, जयपुर में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए थे।
राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रूक्टा) के पदाधिकारी रहे एक प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि एपीओ आदेश दुर्भावना से प्रेरित था। एपीओ से आहत तीनों प्रोफेसरों ने माननीय उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा रखी। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को एपीओ आदेश वापस लेने के निर्देश दिए।
इसके बाद 6 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षा विभाग के उप शासन सचिव द्वारा तीनों प्रोफेसरों के एपीओ आदेश वापस ले लिए गए। इस निर्णय पर पीड़ित प्रोफेसरों ने खुशी जताते हुए उच्च शिक्षा मंत्री सहित न्याय दिलाने में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों एवं समाजकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
हालांकि, एपीओ आदेश वापस होने के तुरंत बाद इन्हें कार्यव्यवस्था के तहत अन्य महाविद्यालयों में भेजे जाने से प्रोफेसरों में निराशा और मायूसी है। वर्तमान में डॉ. अशोक कुमार खटीक एवं सुंदरलाल बसवाल को राजकीय महाविद्यालय थानागाजी तथा डॉ. महेश चंद गोठवाल को राजकीय महाविद्यालय खैरथल कार्यव्यवस्था पर लगाया गया है, जबकि तीनों का मूल पदस्थापन बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय, अलवर ही रहेगा।
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