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    MI के जबड़े से जीत छीनकर क्लर्क ने कबूला एक कड़वा सच, आखिरी ओवर में इस चीज पर था ध्यान

    साउथ अफ्रीका की ऑलरांडर नदीन डी क्लर्क ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 के पहले मैच में मुंबई इंडियंस (एमआई) के खिलाफ गर्दा उड़ा दिया। उन्होंने गेंद और बल्ले से छाप छोड़ी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का हिस्सा क्लर्क ने 26 रन देकर चार विकेट लेने के बाद शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने डीवाई पाटिल स्टेडियम में 155 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 44 गेंदों में नाबाद 63 रन जुटाए, जिसमें सात चौके और दो सिक्स हैं। आरसीबी को आखिरी ओवर में 18 रनों की जरूरत थी। ऐसे में क्लर्क ने दो चौके और दो छक्के लगाकर आरसीबी को जीत की दहलीज पार कराई। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। हालांकि, क्लर्क ने मुंबई के जबड़े से जीत छीनने के बाद एक कड़वा सच कबूल किया।

    'मैं लकी थी कि कुछ मौके…'

    क्लर्क ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल करने के बाद कहा, ''शायद इस एहसास को समझने में कुछ समय लगेगा। मुझे लगता है कि क्रिकेट में जब आपका दिन होता है तो आपको सुनिश्चित करना होता है कि आप उसका पूरा फाएदा उठाएं। मैं लकी थी कि कुछ मौके मेरे पक्ष में गए। खुशी है कि हम जीतने में सफल रहे। जीत के साथ शुरुआत करना हमेशा अच्छा होता है।'' उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर कहा, ''मुझे लगता है कि यह बस अपनी स्किल्स पर भरोसा करने और उसे सही तरह से लागू करने के बारे में है। मुझे लगता है कि हमने बेल और पावरप्ले में अन्य बॉलर्स के साथ बहुत अच्छी शुरुआत की। मुझे लगता है कि बेल ने बहुत शानदार बॉलिंग की। मैंने बस अपनी ताकत पर टिके रही। कभी-कभी यह आपके पक्ष में जाता है और कभी-कभी नहीं।''

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    'सच कहूं तो मैं अपनी पारी…'

    ऑलराउंडर पारी की शुरुआत में थोड़ी निराश थी। उन्होंने कहा, ''सच कहूं तो मैं शायद अपनी पारी की शुरुआत में थोड़ा फ्रस्ट्रेट थी। क्रिकेट अजीब खेल है। आपको बस लड़ाई में बने रहना होता है। कभी हार नहीं मानने वाली मानसिकता की जरूरत होती है, खासकर टी20 क्रिकेट में। हम जानते हैं कि यह मैदान बैटिंग के लिए बहुत अच्छे हैं। यहां बड़ी बाउंड्री नहीं। ऐसे में आप जानते हैं कि आप इसका फायदा उठा सकते हैं। यह बस खुद को एक मौका देने के बारे में थां और किस्मत से यह काम कर गया। आखिर में मैं ज्यादातर स्ट्राइक अपने पास रखने के बारे में सोच रही थी। कुछ बहुत जरूरी पार्टनरशिप हुईं। अरुंधति रेड्डी ने अच्छी बैटिंग कीं और प्रेमा ने कुछ बाउंड्री मारकर थोड़ा प्रेशर कम किया, जिससे थोड़ी आसानी हुई। आखिरी ओवर में मेरा पूरा ध्यान मैच जिताने पर था।''

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