लखनऊ|सोनू कश्यप की हत्या के मामले में शुक्रवार को कश्यप समाज और सर्व समाज चेतना मंच के कार्यकर्ता शामली से सपा एमएलसी किरण पाल सिंह कश्यप के नेतृत्व में मेरठ पर प्रदर्शन करने रवाना हुए। काफिला सरधना फ्लाईओवर चेकपोस्ट के पास पहुंचा तो सीओ संतोष राय और कंकरखेड़ा थाना प्रभारी विनय कुमार ने उन्हें रोक लिया। एमएलसी किरन पाल कश्यप और उनके समर्थक गाड़ियों से निकलकर बाहर आ गए और हाईवे के बीच खड़ी कर धरने पर बैठ गए। शामली से मेरठ आने वाली रोड पर दूर तक जाम लग गया। पुलिस ने लोगों को बस में बैठाकर परतापुर थाने भिजवा दिया।इस मामले में एमएलसी किरण पाल सिंह कश्यप ने कहा हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। वहीं, सरधना विधायक अतुल प्रधान और सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी, प्रदेश सचिव जितेंद्र गुर्जर भी थाने पहुंचे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। तीन घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया।कश्यप समाज ने तोड़ा पुलिस घेरा
सोनू हत्याकांड के विरोध में कश्यप समाज की पंचायत रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा। लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर कमिश्नरी पार्क में घुस आए। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंचायत की। सोनू की बहन भी साथ रही। काफी हंगामे के बाद चार मांगों को लेकर ज्ञापन एडीएम सिटी, एसपी सिटी को देते हुए सीबीआई जांच, सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजा और जमीन का पट्टा देने की मांग की गई। धारा 163 लागू होने के बावजूद भीड़ जुटाकर पंचायत करने और हंगामा करने को लेकर इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने 60 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
मेरठ में सोनू हत्याकांड पर बवाल, पुलिस का घेरा तोड़ कमिश्नरी पार्क में घुसी भीड़
मोबिल डालकर जला दिया गया था सोनू का शव
दरअसल, मुजफ्फरनगर के रहने वाले रोहित उर्फ सोनू कश्यप की पांच जनवरी की रात मेरठ के सलावा क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उसका शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया। पुलिस ने शव बरामद होने के बाद मृतक की पहचान और घटना का खुलासा करते हुए हत्यारोपी किशोर की गिरफ्तारी की। परिजन और समाज के लोगों ने आरोप लगाया घटना में कई आरोपी थे और पुलिस इन्हें बचा रही है।

