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    आरएसपीसीबी मुख्यालय में राज्यमंत्री संजय शर्मा की समीक्षा बैठक

    बैठक में राज्पमंत्री ने कहा नियमों की अनदेखी करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर होगी सख्त कार्रवाई

    मिशनसच न्यूज, जयपुर। राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) मुख्यालय, झालाना में समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आनंद कुमार, आरएसपीसीबी अध्यक्ष आलोक गुप्ता, शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग विजय एन, सदस्य सचिव आरएसपीसीबी कपिल चंद्रवाल सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में मंडल की वार्षिक प्रगति, योजनाओं की स्थिति, नवाचार, उत्कृष्ट कार्य, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन जो औद्योगिक इकाइयां पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करेंगी, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

    पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    बैठक के दौरान राज्यमंत्री शर्मा ने आरएसपीसीबी मुख्यालय परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधारोपण अभियानों को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप दिया जाए।

    विधानसभा प्रश्नों का समयबद्ध निस्तारण

    आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत लंबित विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा भी बैठक में की गई। शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विधानसभा प्रश्नों के उत्तर पूर्ण तथ्यों के साथ समय सीमा में तैयार किए जाएं, जिससे सदन में सही और प्रमाणिक जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

    प्लास्टिक के विरुद्ध विशेष अभियान के निर्देश

    बैठक में प्लास्टिक प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री ने प्लास्टिक के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन, जन-जागरूकता अभियानों और सख्त प्रवर्तन से ही प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण संभव है।

    उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का निर्माण करने वाली इकाइयों की सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को 15 हजार रुपये तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं की बिक्री, परिवहन एवं भंडारण की सूचना देने पर 10 हजार रुपये (50 किलोग्राम या उससे अधिक मात्रा पर प्रति क्विंटल 1000 रुपये की दर से) का पुरस्कार दिया जा रहा है। यह योजना अवैध प्लास्टिक कारोबार पर अंकुश लगाने में प्रभावी सिद्ध हो रही है।

    राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और आमजन को भी जागरूक कर इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाए।

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