जिनवाणी समवशरण रथयात्रा के दौरान रिमझिम फुहारों के बीच इन्द्रदेव ने किया भगवान आदिनाथ का अभिषेक
मिशनसच न्यूज, अलवर।जैन धर्मावलंबियों के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की लगभग 78 वर्ष पूर्व भूगर्भ से प्रकट श्याम पाषाण प्रतिमा की प्रकट तिथि के पावन अवसर पर सोमवार को अलवर में भव्य जिनवाणी समवशरण रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा के दौरान रुक-रुककर हुई रिमझिम वर्षा ने मानो इन्द्रदेव द्वारा भगवान आदिनाथ के अभिषेक का दृश्य उपस्थित कर दिया।

करीब एक किलोमीटर लंबी इस रथयात्रा में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के साथ-साथ बच्चों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए और भगवान आदिनाथ के जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल रहे। फुहारों की परवाह किए बिना भक्त जिनेंद्र भक्ति में लीन नजर आए।
समवशरण रथयात्रा का दृश्य अत्यंत मनोहारी रहा। पुरुष श्रद्धालु हाथों में समाधिस्थ दिगंबर जैनाचार्य विद्यासागर महाराज, ज्ञानसागर महाराज, आचार्य विशुद्धसागर महाराज, सुधासागर महाराज सहित अन्य जैन गुरुओं के कटआउट लेकर चल रहे थे, जबकि महिला मंडलों की महिलाएं हाथों में ध्वजाएं लेकर रथयात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं।
स्थानीय मन्नी का बड़ स्थित श्री दिगंबर जैन आदिनाथ मंदिर से सुबह करीब 10 बजे दिगंबर जैन आर्यिका आर्षमति माताजी ससंघ के सानिध्य में रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। जैसे ही रथयात्रा प्रारंभ हुई, पूरा क्षेत्र भगवान आदिनाथ के जयघोष से गूंज उठा। आर्यिका संघ की अगवानी श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जैन गोधा, उपाध्यक्ष नरेश जैन बड़तलिया, सचिव राकेश जैन अंबिया, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, संयोजक महेश बाबू जैन सहित बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने की।
रथयात्रा के दौरान ड्रोन रूपी हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए रथयात्रा के आगे-पीछे पुलिस बल तैनात रहा।
शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रथयात्रा जब वीर चौक पहुंची, तो वीर चौक जैन व्यवसायी संघ की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आर्यिका आर्षमति माताजी का पाद प्रक्षालन किया गया तथा संघ के बच्चू सिंह जैन, अनिल जैन, शिखरचंद जैन, खिल्लीमल जैन सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरती की।
रथयात्रा में सबसे आगे अश्व चल रहे थे, वहीं अनेक आकर्षक झांकियां भी शामिल रहीं। समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर महाराज के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में उनकी विशेष झांकी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही थी। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजनों की तर्ज पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे।
अंततः विभिन्न मार्गों से होती हुई रथयात्रा पुनः मन्नी का बड़ स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में जैन समाज एवं जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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