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    क्या सच में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से कटते हैं दुख? जानिए कहां-कहां स्थित हैं और क्या है इनका महत्व

    भगवान शिव को सृष्टि का संहारक ही नहीं, बल्कि करुणा और कृपा का सागर भी माना जाता है. उनकी पूजा कई रूपों में होती है, लेकिन “ज्योतिर्लिंग” का स्थान सबसे खास माना जाता है. “ज्योति” मतलब प्रकाश और “लिंग” शिव का प्रतीक. यानी वह स्थान जहां शिव खुद दिव्य रोशनी के रूप में प्रकट हुए. मान्यता है कि इन जगहों पर शिव की मौजूदगी सबसे ज्यादा महसूस होती है. देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले ये 12 ज्योतिर्लिंग सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि आस्था के बड़े केंद्र हैं जहां हर साल लाखों भक्त पहुंचते हैं. हर ज्योतिर्लिंग के पीछे एक कहानी है, जो शिव की महिमा, चमत्कार और भक्तों की सच्ची श्रद्धा को दिखाती है. कहा जाता है कि जो इंसान सच्चे मन से इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करता है, उसके दुख हल्के होते हैं और मन को शांति मिलती है. ये धाम धर्म, इतिहास और रहस्य का सुंदर मेल हैं, जो हर भक्त को अंदर से जोड़ते हैं.

    1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
    यह पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. कथा के अनुसार चंद्रदेव ने यहां शिव की आराधना की थी. समुद्र किनारे बना यह मंदिर कई बार टूटा, फिर भी हर बार दोबारा खड़ा हुआ. यह आस्था की ताकत दिखाता है.

    2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
    यह मंदिर पहाड़ों के बीच बसा है. मान्यता है कि शिव और माता पार्वती यहां अपने बेटे कार्तिकेय को मनाने आए थे. यहां का माहौल बहुत शांत लगता है.
    3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन, मध्य प्रदेश)
    यहां शिव “महाकाल” रूप में पूजे जाते हैं, यानी समय के भी स्वामी. यहां की भस्म आरती दुनियाभर में मशहूर है.

    4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
    नर्मदा नदी के बीच बने द्वीप पर यह मंदिर है. ऊपर से देखने पर यह जगह “ॐ” जैसी दिखती है, इसलिए इसका नाम पड़ा.
    5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तराखंड)
    हिमालय की गोद में बसा यह धाम सबसे कठिन यात्रा वाला है. ठंड और बर्फ के बीच भी भक्त यहां पहुंचते हैं.

    6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
    जंगलों के बीच बसा यह मंदिर प्रकृति के बहुत करीब है. कथा में बताया जाता है कि यहां शिव ने भीम नाम के राक्षस का अंत किया था.
    7. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
    कहते हैं काशी शिव की प्रिय नगरी है. यहां मृत्यु भी मोक्ष का रास्ता मानी जाती है.
    8. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
    यहां से गोदावरी नदी निकलती है. मंदिर की बनावट बेहद सुंदर है और शिवलिंग में तीन मुख दिखते हैं.
    9. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग (झारखंड)
    कथा है कि रावण ने यहां शिव की कठोर तपस्या की थी. यह जगह रोगों से राहत की आस्था से जुड़ी है.
    10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
    समुद्र किनारे स्थित यह मंदिर नागों से जुड़ी कथा के कारण प्रसिद्ध है.

    11. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग (तमिलनाडु)
    मान्यता है कि लंका जाने से पहले श्रीराम ने यहां शिव की पूजा की थी. यह उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला धाम है.
    12. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
    यह आखिरी ज्योतिर्लिंग माना जाता है. यहां की कहानी एक सच्ची भक्त महिला से जुड़ी है, जिसकी भक्ति से शिव प्रसन्न हुए.
    ज्योतिर्लिंगों का महत्व
    ये सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि विश्वास का आधार हैं. हर धाम की अपनी ऊर्जा और कहानी है. लोग यहां मनोकामना लेकर आते हैं और सुकून लेकर लौटते हैं.

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