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    महाराष्ट्र का डिप्टी CM कौन बनेगा? सुनेत्रा पवार के नाम पर सियासी चर्चा तेज, जाने भाजपा का क्‍या है मूड?

    नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में बीते काफी समय से संतुलन की धुरी माने जाने वाले एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के आकस्मिक निधन ने न केवल एनसीपी (NCP) के भीतर बल्कि राज्य की राजनीति के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के अभिन्न अंग एनसीपी आगे भी साथ में रहेगी। भाजपा (BJP) ने संकेत दिए हैं कि उपमुख्यमंत्री पद एनसीपी के पास ही रहेगा।

    बीते 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना शिंदे एवं एनसीपी (अजित पवार) की महायुति ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 288 सीटों में से 230 सीटें जीती थी। इनमें भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57 एवं एनसीपी ने 41 सीटें हासिल की थी। हाल में निकाय चुनावों में एनसीपी को बड़ा झटका लगा था। दोनों गुटों अजित पवार व शरद पवार को मिलाकर भी परिणाम उत्साहजनक नहीं रहा। इसके बाद दोनों गुटों में एकता की चर्चा भी चली थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

     

    क्या शरद पवार के साथ जाएंगे नेता?
    पवार नाम के साथ चलने वाली एनसीपी में अब शरद पवार ही शीर्ष नेता हैं। अजित पवार के न रहने पर उनके साथ जुड़े तमाम नेताओं की निष्ठा एक बार फिर शरद पवार के साथ हो सकती है, लेकिन सियासी राजनीति में फिलहाल वह शरद पवार के साथ शायद ही जाएं और अजित पवार के परिवार से नेतृत्व को खड़ा कर ही आगे बढ़ें। अजित पवार की पत्नी एवं राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार या उनका बेटा पार्थ पवार (लोकसभा चुनाव हार गए थे) कमान संभाल सकते हैं। अन्य बड़े नेताओं प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल एवं सुनील तटकरे के भी उनके साथ ही रहने के आसार हैं।

    NCP के पास ही रहेगा डिप्टी सीएम पद
    भाजपा नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अजित पवार के परिजनों एवं उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आगे का फैसला लेना है। हालांकि, महायुति में एक उपमुख्यमंत्री एनसीपी के लिए था, वह उसी के पास रहेगा। राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के ज्यादा आसार हैं, जबकि बेटा राज्यसभा में जा सकता है। भाजपा के लिए भी अभी यह मुफीद है। रही बात शरद पवार की तो राजनीति के माहिर शरद पवार शायद ही अभी दोनों की एकता पर जोर दें। वह भी आगामी राजनीति की दिशा देखकर ही इस बारे में फैसला करेंगे। पर, यह लगभग तय है कि वह भाजपा विरोधी राजनीति करते रहेंगे।

     

     

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