वाराणसी|वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में किस तरह से पुलिस वाले भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, इसका जीता जागता उदाहरण बुधवार को देखने को मिला है। पीड़ित अपने साथ हुए अपराध के लिए केस दर्ज कराने और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए चप्पलें घिस रहे हैं और पुलिस वाले केस से नाम हटाने का रेट फिक्स करके बैठे हैं। दहेज उत्पीड़न के केस से नाम हटाने के एवज में चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा ने 50 हजार रुपए का रेट फिक्स कर रखा था। 20 हजार लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार करके उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। चौकी इंचार्ज के साथ ही उसका सहयोग कर रहा सिपाही गौरव द्विवेदी भी रंगे हाथ पकड़ा गया है।एंटी करप्शन की टीम ने दोनों को बनारस के सबसे पॉश कहे जाने वाले सिगरा थाने के काशी विद्यापीठ चौकी से पकड़ा है। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर धारा बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने दोनों आरोपियों को निलंबित कर दिया है।
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सिगरा थाने में चंदुआ (छित्तूपुर) के हरिनगर निवासी ममता गुप्ता ने बीते छह अगस्त को पति प्रह्लाद गुप्ता समेत ससुराल पक्ष के 6 लोगों पर केस दर्ज कराया था। आरोप है कि पूर्व में चोलापुर थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले में उसका पति एक साल तक जेल में रहा। रिहा होने पर मुकदमा उठाने के लिए पति एवं अन्य ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट कर धमकी दी थी। इस केस की विवेचना काशी विद्यापीठ के चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे।केस के आरोपी पति प्रह्लाद गुप्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन के कार्यालय में शिकायत की थी। आरोप था कि विवेचक ने प्रह्लाद गुप्ता को विवेचना के क्रम में चौकी पर बुलवाया था। कहा कि केस खत्म करने के लिए 50 हजार रुपये देने होंगे। रुपये न देने पर धाराएं बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। पहले 20 हजार रुपये देने के लिए कहा। कहा था कि वह चौकी पर तैनात गौरव द्विवेदी से बात कर उनको ही पैसा दे दें।शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम बुधवार को निरीक्षक सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी पर पहुंची। साथ में शिकायतकर्ता भी था। शिकायकर्ता प्रह्लाद चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा से मिला। उन्होंने पैसे की मांग की। प्रह्लाद गुप्ता ने 20 हजार रुपये निकालकर चौकी प्रभारी को देना चाहा तो उन्होंने वहां मौजूद गौरव द्विवेदी को देने के लिए कहा।प्रह्लाद गुप्ता के दिये रुपये सिपाही गौरव द्विवेदी ने अपनी जैकेट की जेब में रख लिया। इस आधार पर सिपाही तथा चौकी प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया। शिकायकर्ता प्रह्लाद गुप्ता मूल रूप से चंदौली के अलीनगर के मूगलचक का निवासी है। वह वर्तमान में चोलापुर के गोसाईपुर मोहांव में रहता है।
आरोपी पुलिसकर्मियों के पक्ष में साथियों का हंगामा
रिश्वत लेने के आरोप में काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी की गिरफ्तारी की जानकारी होते ही सिगरा थाना प्रभारी के साथ अन्य पुलिसकर्मियों ने पहले विद्यापीठ चौकी फिर लालपुर- पांडेयपुर थाने पर हंगामा किया। एंटी करप्शन की टीम से कहासुनी और धक्कामुक्की तक की। इस दौरान हंगामे की स्थिति रही।गिरफ्तारी की सूचना पर सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा पहले चौकी पहुंचे। वहां भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम से जमकर जिच हुई। वहां से लालपुर-पांडेयपुर थाने पहुंचे। यहां थाना प्रभारी के साथ सिगरा थाने के अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। साथी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए हंगामा शुरू हो गया। रात तक कई अधिवक्ता और बार पदाधिकारी भी पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। स्थिति नियंत्रित करने के लिए कैंट पुलिस बुलाई गई।सिगरा थाने के पुलिसकर्मियों ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी इकाई की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहासुनी शुरू कर दी। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें आरोपी सिपाही अपनी जैकेट की जेब से रुपये निकाल कर फेंकते दिख रहा है। हालांकि भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी इकाई ने किसी की नहीं सुनी। बताया कि उनके पास वीडियो, तस्वीरें आदि सभी तरह के साक्ष्य हैं।
दरोगा की पत्नी का एंटी करप्शन टीम पर आरोप
घूसखोरी में पकड़े गए दारोगा शिवाकर मिश्रा की पत्नी लखनऊ निवासी शिवानी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके पति को फंसाया गया है। बताया कि बीते दिनों वाराणसी में तब पति ने बताया था कि एंटी करप्शन टीम के एक सदस्य ने किसी एक मुकदमे का मामला रफा दफा करने को कहा था। बात न मानने पर फर्जी तरीके से ट्रैप टीम ने पति को फंसाया हैं। शिवानी ने मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त से मदद की गुहार लगाई है।

