नई दिल्ली । अभिनेता सायक चक्रवर्ती (Actor Sayak Chakraborty) शुक्रवार रात अपने साथियों के साथ पार्क स्ट्रीट के एक मशहूर पब में डिनर करने गए थे। सायक के अनुसार, उन्होंने ‘मटन स्टेक’ (Mutton steak) ऑर्डर किया था, लेकिन उन्हें जो डिश परोसी गई, वह बीफ (Beef) थी। सायक का दावा है कि उन्होंने अनजाने में उसका सेवन भी कर लिया। आपको बता दें कि कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध इलाके पार्क स्ट्रीट में स्थित एक लोकप्रिय पब ‘ओली’ (Oly) की यह घटना है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को वेटर को गिरफ्तार कर लिया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब टेबल पर एक और मटन स्टेक लाकर रख दिया गया, जबकि सायक ने केवल एक ही स्टेक का ऑर्डर दिया था। जब उन्होंने वेटर से सवाल किया, तो वेटर ने दावा किया कि उन्होंने दो स्टेक एक मटन और एक बीफ का ऑर्डर दिया था। सायक का कहना है कि यह सुनकर वे दंग रह गए क्योंकि एक हिंदू ब्राह्मण होने के नाते उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।
सायक ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें वे वेटर और मैनेजर से जवाब मांगते दिख रहे हैं। वीडियो में मैनेजर इसे एक गंभीर गलती बताते हुए माफी मांगते नजर आ रहे हैं। पार्क स्ट्रीट पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और वेटर शेख नसीरुद्दीन को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने सायक पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने और राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ता देख सायक ने अपना पुराना वीडियो डिलीट कर एक नया स्पष्टीकरण जारी किया। सायक चक्रवर्ती ने अपनी सफाई में कहा, “मेरा उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़काना नहीं है। मेरे कई मुस्लिम दोस्त हैं और मैं उनके घर ईद भी मनाता हूं। मेरी प्रतिक्रिया पूरी तरह भावनात्मक थी क्योंकि अनजाने में मेरा धर्म भ्रष्ट हुआ। मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है।”
सायक ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी धर्म विशेष के प्रति नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट की लापरवाही के प्रति थी। उन्होंने कहा कि रात के समय रेस्टोरेंट में भीड़ हो सकती है, लेकिन इस तरह की गलतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि भविष्य में किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है। कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और रेस्टोरेंट के खाद्य नमूनों की जांच की जा सकती है ताकि आरोपों की पुष्टि हो सके।


