पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट (12वीं) की वार्षिक परीक्षा कल, 2 फरवरी से पूरे राज्य में शुरू होने जा रही है। बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी, जिसके लिए राज्य भर में कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी पटना की बात करें तो यहाँ कुल 84 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 73,963 परीक्षार्थी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। विशेष बात यह है कि जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं, जहाँ केवल छात्राओं को ही परीक्षा देने की अनुमति दी गई है।
इस वर्ष की इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम रहेंगे। प्रत्येक छात्र की दो स्तरों पर गहन जांच (टू लेवल स्क्रीनिंग) की जाएगी। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
परीक्षा का आयोजन प्रतिदिन दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों के लिए समय का पालन करना अनिवार्य है। पहली पाली के छात्रों को परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा, वहीं दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:00 बजे से प्रवेश शुरू हो जाएगा। छात्रों को प्रश्न पत्र पढ़ने और समझने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का कूल ऑफ टाइम दिया जाएगा। नियमों को लेकर बोर्ड इस बार बेहद सख्त है। परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित है। प्रत्येक 25 छात्रों पर एक वीक्षक (इन्विजिलेटर) की तैनाती की गई है। बोर्ड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के बाद आने वाले छात्रों को किसी भी कीमत पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई छात्र अनाधिकृत तरीके से केंद्र में प्रवेश की कोशिश करता है, तो उसे न केवल दो साल के लिए निष्कासित किया जाएगा, बल्कि उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा सोमवार से, 13 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


