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    Homeराज्ययूपीशोध की काशी: प्रदेश में सबसे आगे, 33,611 रिसर्च काशी के नाम

    शोध की काशी: प्रदेश में सबसे आगे, 33,611 रिसर्च काशी के नाम

    काशी |काशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की शोध राजधानी भी है। भारत सरकार के शोधगंगा पोर्टल पर देशभर से अपलोड किए गए 6.51 लाख शोध कार्यों में से करीब 33,611 शोध काशी से जुड़े विषयों पर हुए हैं। उत्तर प्रदेश में काशी अव्वल साबित है। यह संख्या काशी की अकादमिक क्षमता और शोध परंपरा को रेखांकित करती है। दिल्ली एक लाख 4214 शोध पत्रों के साथ देश में पहले स्थान पर है।यूजीसी के अधीन संचालित शोधगंगा पोर्टल पर देश की 846 विश्वविद्यालयों ने एमफिल और पीएचडी स्तर के शोध अपलोड किए हैं। इनमें काशी से संबंधित शोध की संख्या 33,611 है जो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा है। स्पष्ट है कि शिक्षा, संस्कृति, इतिहास और समाज के अध्ययन में काशी प्रदेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरी है। काशी से जुड़े शोध विषयों में काशी की शिक्षा परंपरा, काशी के कारीगर, ग्रामीण विकास में काशी की भूमिका, सामाजिक-सांस्कृतिक समेत अन्य अध्ययन प्रमुख हैं। बीएचयू से सबसे ज्यादा 11,062, काशी विद्यापीठ से 4983, आईआईटी बीएचयू से 1235 और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से पांच शोधपत्र अपलोड किए गए हैं।

    काशी में हिंदी और अंग्रेजी पर सबसे ज्यादा शोध

    काशी में सबसे ज्यादा शोध अंग्रेजी और हिंदी में हुए हैं। अंग्रेजी भाषा में 18,043 और हिंदी में 12,792 शोध किए गए हैं। बंगाली में 78, पंजाबी में 66, उर्दू में 22, तेलुगु में 13, फ्रेंच में 12, नेपाली में 12, कन्नड़ में 10, अरबी में 5, जर्मन में 4, रसियन में 2 और आसामी में 1 व अन्य भाषाओं 779 शोध हुए हैं।

    सोशल साइंस में सबसे ज्यादा शोध

    रिकॉर्ड के अनुसार कुछ प्रमुख विषयों में सोशल साइंस में 6,309, आर्ट्स में 3,375 और लिटरेचर में 1,513, इकोनॉमिक्स में 1,913, लाइफ साइंस में 999, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 1,026, इतिहास में 930, हिंदी में 1,453, भाषा में 779 और धर्म में 478, फिलॉसफी में 473, मैनेजमेंट में 400, आर्कियोलॉजी में 297, संस्कृत में 1,434 और जर्नलिज्म में 141 शोध हुए हैं। कई अन्य विषयों पर शोध भी शोध हुए हैं।

    प्रयागराज से 21139 और लखनऊ से 23781 शोध पत्र अपलोड किए गए

    तुलनात्मक रूप से अयोध्या से 2,206 और गाजियाबाद में 6,431 शोध पत्र अपलोड किए गए हैं। इसी तरह प्रयागराज से 21139, लखनऊ से 23781, बरेली से 4386,और गोरखपुर से 4069, नोएडा से 6056 कानपुर से 16034 शोध पत्र अपलोड किए गए हैं। अलीगढ़ से 14817 और आगरा से 15959 शोध पत्र शोध गंगा पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।

    क्या बोले विशेषज्ञ

    समय के लिहाज से देखें तो 1924 से 1999 के बीच 8,052 शोध पत्र जमा कराए गए। इसी तरह 2000 से 2026 के बीच शोध कार्यों में तेजी आई जो उच्च शिक्षा और रिसर्च इकोसिस्टम के विस्तार को दर्शाता है। इसमें काशी ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 

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