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    Homeराज्यमध्यप्रदेशएलएनसीटी यूनिवर्सिटी करेगा गाम्बिया के 61वें स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी

    एलएनसीटी यूनिवर्सिटी करेगा गाम्बिया के 61वें स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी

    भोपाल। भारत और विशेष रूप से मध्य प्रदेश के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होने जा रहा है, जब मध्य भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी एलएनसीटी यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक बड़े आयोजन की मेजबानी करेगी। आगामी 14 फरवरी 2026 को एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में गाम्बिया देश का 61वां स्वतंत्रता दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। यह पहली बार होगा जब गाम्बिया जैसे अफ्रीकी देश का राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस भारत की किसी निजी यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अजी फॉतुमाता जूफ, फर्स्ट सेक्रेटरी गाम्बिया दूतावास, उमर संम्पो सीसे, द्वातीय सेक्रेटरी गाम्बिया दूतावास और इंद्राणी मूले, सलाहकार, अफ्रीकन स्टूडेंट असोसिएशन, गाम्बिया दूतावास भी मौजूद रहेंगी।

    गाम्बिया दूतावास का एलएनसीटी यूनिवर्सिटी पर भरोसा

    पश्चिमी अफ्रीका में स्थित गाम्बिया देश के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन के लिए गाम्बिया दूतावास के हाई कमिश्नर अंशु जावर ने स्वयं एलएनसीटी यूनिवर्सिटी का चयन किया है। यह चयन न केवल एलएनसीटी यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को दर्शाता है, बल्कि भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत होते शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक है।

    अफ्रीकी विद्यार्थियों के लिए गर्व और भावनात्मक क्षण

    एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में वर्तमान में अफ्रीकी देशों से आए 200 से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में यह आयोजन उन विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक और गर्व का विषय होगा, जो अपने देश का राष्ट्रीय पर्व भारत की धरती पर मनाते देखेंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भारत और गाम्बिया—दोनों देशों की फ्लैग होस्टिंग की जाएगी, जो मित्रता और आपसी सम्मान का प्रतीक बनेगी।

    भारत–गाम्बिया सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

    इस विशेष अवसर पर दोनों देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य के साथ-साथ गाम्बिया के पारंपरिक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को दोनों देशों की समृद्ध विरासत से रूबरू कराएंगी। यह आयोजन युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक सशक्त करेगा।

    बहुसांस्कृतिक शिक्षा का सशक्त उदाहरण: जय नारायण चौकसे

    एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के फाउंडर जय नारायण चौकसे ने गाम्बिया के 61वें स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी को भारत और मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह अवसर हमारे लिए अत्यंत गर्व, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि किसी अफ्रीकी राष्ट्र के राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस का आयोजन भारत की एक निजी यूनिवर्सिटी परिसर में होना, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी की वैश्विक सोच और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एलएनसीटी यूनिवर्सिटी शुरू से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ वैश्विक सहयोग को प्राथमिकता देती रही है। आज यूनिवर्सिटी में अफ्रीका सहित विभिन्न देशों के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, जो हमारी बहुसांस्कृतिक और समावेशी शैक्षणिक संस्कृति का प्रमाण है। गाम्बिया के स्वतंत्रता दिवस का आयोजन छात्रों को न केवल अपने देश से जुड़ने का अवसर देगा, बल्कि भारतीय विद्यार्थियों को भी अफ्रीकी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को समझने का मंच प्रदान करेगा।

    छात्रों को मिलेगा वैश्विक मंच: डॉ. अनुपम चौकसे

    एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ. अनुपम चौकसे ने कहा कि गाम्बिया के 61वें स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। यह आयोजन यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साख और वैश्विक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. चौकसे ने बताया कि यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत अफ्रीकी देशों के सैकड़ों विद्यार्थी इस आयोजन के माध्यम से अपने देश की संस्कृति और गौरव को भारत की धरती पर प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही भारतीय छात्रों को भी गाम्बिया और अफ्रीकी देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।

    अकादमिक समझौते और वैश्विक पहचान की ओर कदम

    उन्होंने आगे कहा कि इस समारोह के दौरान उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक सहयोग को लेकर भारत और गाम्बिया के बीच नए समझौतों पर चर्चा की जाएगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। डॉ. अनुपम चौकसे ने विश्वास जताया कि यह आयोजन एलएनसीटी यूनिवर्सिटी को वैश्विक शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा

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