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    दुर्ग में राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की हुई बैठक, लंबित परियोजनाओं और नए प्रस्तावों पर की गई चर्चा

    Durg: दुर्ग के पीडब्ल्यूडी सभागार में आज छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बैठक की अध्यक्षता की. करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

    राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की हुई बैठक
    इस बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री गजेंद्र यादव, श्याम बिहारी जायसवाल, टंक राम वर्मा, दयाल दास बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित कई विधायक, सभी जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्य शासन के वरिष्ठ सचिव और 17 जिलों के कलेक्टर मौजूद रहे. बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण का गठन इस उद्देश्य से किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पिछड़े वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचे और संसाधनों की कोई कमी न रहे. उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट शामिल किया गया है, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी. यह प्राधिकरण 35 विधानसभा क्षेत्रों और 19 जिलों को कवर करता है तथा पूरे प्रदेश में सरगुजा, बस्तर और मध्य क्षेत्र सहित पांच विकास प्राधिकरणों के माध्यम से काम किया जा रहा है.

    लंबित परियोजनाओं और नए प्रस्तावों पर की गई चर्चा
    धान खरीदी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब ढाई महीने तक चली खरीदी की समीक्षा में कुछ किसान शेष पाए गए थे, जिनका सत्यापन या टोकन नहीं कट पाया था. ऐसे किसानों को राहत देते हुए धान खरीदी की अवधि बढ़ाई गई और अब उन्हें विश्वास है कि खरीदी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. दुर्ग के लिए सबसे बड़ी घोषणा आईटी पार्क को लेकर रही.

    मुख्यमंत्री ने बताया कि आईटी पार्क के निर्माण के लिए 40 से अधिक आईटी कंपनियों के साथ एमओयू किया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगा. नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य है और सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.

    शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बैठक में पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के पिछले पांच वर्षों के कार्यों, लंबित परियोजनाओं और नए प्रस्तावों पर सार्थक चर्चा हुई. उन्होंने इसे दुर्ग के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि आईआईटी भिलाई के साथ 40 कंपनियों का एमओयू प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगा.

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