अटल ज्ञान केंद्र योजना की समीक्षा में मुख्य सचिव के निर्देश, डिजिटल संसाधन व ई-लाइब्रेरी पर जोर
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को सचिवालय में अटल ज्ञान केंद्र योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों को ग्रामीण युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर निर्धारित अधोसंरचना, डिजिटल सुविधाएं एवं अध्ययन संसाधन समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएं तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने प्रथम चरण में लक्षित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर निर्माणाधीन और पूर्ण कार्यों की सतत समीक्षा करने तथा लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का संचालन इस प्रकार हो कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम ने जानकारी दी कि प्रत्येक केंद्र में ई-लाइब्रेरी, समसामयिक विषयों की पत्र-पत्रिकाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने वाली अध्ययन सामग्री, स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित साहित्य, बहुभाषी समाचार-पत्र तथा ई-मित्र सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि चरणबद्ध रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाली 2056 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें से 1,687 केंद्रों को वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है, 508 केंद्रों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 243 केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
प्रत्येक अटल ज्ञान केंद्र के लिए लगभग 36×20 फीट का भवन, न्यूनतम चार डिजिटल वर्कस्टेशन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, फर्नीचर और कम से कम 20 विद्यार्थियों के बैठने की अध्ययन व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही इन्हें प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों के लिए एक्टिविटी सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
केंद्रों के संचालन हेतु ‘अटल प्रेरक’ तैनात किए जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी ग्रामीणों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना, ई-गवर्नेंस सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना होगी।
उल्लेखनीय है कि अटल ज्ञान केंद्र योजना की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा 25 दिसंबर 2024 को सुशासन दिवस के अवसर पर की गई थी, जिसे वर्ष 2025-26 के बजट में भी शामिल किया गया है। बैठक में पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


