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    25,000 करोड़ का लोन, 50,000 सोलर पंप; बजट से किसानों को बड़ी राहत

    जयपुर|राजस्थान सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों में जीवनदायिनी यमुना जल परियोजना पर काम जल्द शुरू होगा। हथिनीकुंड बैराज से पानी लाने के लिए ₹32,000 करोड़ की विशाल परियोजना को रफ्तार दी जाएगी। प्रदेश के 1,50,000 जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। कृषि बजट में 7.59 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली और विकास के नए आयाम स्थापित करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, कृषि उत्पादन की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जाएगा। अब किसानों को केवल उत्पादक नहीं बल्कि ‘प्रोसेसर’ बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

    सूक्ष्म सिंचाई विस्तार

    वर्तमान में सकल बोए क्षेत्र का 24% हिस्सा सूक्ष्म सिंचाई के तहत आता है। इसे बढ़ाकर 51% तक करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले साल लगभग 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए ₹1,340 करोड़ खर्च होंगे और 3 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।

    वर्ष 2047 तक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कृषि शक्ति

    राज्य सरकार ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए ₹11,300 करोड़ का प्रावधान किया है। राजस्थान को वर्ष 2047 तक टेक्नोलॉजी आधारित अग्रणी कृषि शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की क्षमता विकास, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने के प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। सिंचाई, पशुधन और डेयरी क्षेत्र को भी सशक्त किया जाएगा।

    बीसलपुर परियोजना और सोलर पंप

    टोंक जिले के बीसलपुर डेम की दायीं नहर योजना में फव्वारा तकनीक से सिंचाई होगी। यह काम 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा। लागत ₹100 करोड़ और 10,500 किसान लाभान्वित होंगे।अगले साल 50,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इस पर ₹1,500 करोड़ खर्च होंगे।आवारा जानवरों से फसल बचाने के लिए ₹228 करोड़ का अनुदान मिलेगा।

    यमुना जल परियोजना (शेखावाटी क्षेत्र)

    सीकर, झुंझुनू, चूरू और आसपास के जिलों की 30 साल से लंबित पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फतनीकुंड बैराज से पानी लाने की योजना जल्द शुरू होगी। अनुमानित लागत ₹32,000 करोड़। इससे चुरू और आसपास के जिलों में सस्ती बिजली भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    किसानों के लिए विशेष राहत

    एकमुश्त समाधान योजना: उपनिवेशन क्षेत्र के किसानों के लिए। 1 अप्रैल से 10 सितंबर 2026 तक बकाया राशि जमा करने पर 100% ब्याज माफी।मशीनीकरण पर सब्सिडी: कृषि यंत्रों पर ₹160 करोड़ का अनुदान, 50,000 किसान लाभान्वित होंगे।
    कस्टम हायरिंग सेंटर: 500 नए सेंटर, लागत ₹96 करोड़, किसानों को मशीनें किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी।सिंचाई और जल संरक्षण अगले 2 साल में 15,000 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन और 8,000 डिग्गियों का निर्माण।जल संचयन के लिए 36,000 फॉर्म पॉन्ड बनाए जाएंगे, ₹585 करोड़ से अधिक का अनुदान।इन योजनाओं से 80,000 से अधिक किसान सीधे लाभान्वित होंगे।

    बीज, खाद और जैविक खेती

    2.5 लाख किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।हर ग्राम पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित।4,000 किसानों को ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस के लिए ₹200 करोड़ का अनुदान।

    अन्य बड़े ऐलान

    किसानों के लिए ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त अल्पकालीन लोन, इसमें ₹800 करोड़ ब्याज अनुदान।
    कृषि शिक्षा को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की भर्ती। इस साल 445 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू।
    किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए ‘मिशन राज गिफ्ट’ की स्थापना। मंडियों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास के काम होंगे।
    मंडियों में शेड और सुरक्षा के लिए ₹350 करोड़ खर्च।
    नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार और नॉन-फार्मिंग सेक्टर के लिए ₹590 करोड़ पर 5% ब्याज अनुदान।
    डेयरी डवलपमेंट फंड बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ किया गया।
    सरस ब्रांड को अन्य राज्यों में ले जाने के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान

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