रायपुर : से सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। Raipur attempted murder case में अपने ही दोस्त को ट्रेन के सामने धक्का देकर जान लेने की कोशिश करने वाले दो युवकों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ित के पुनर्वास के लिए मुआवजा देने की सिफारिश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से की है।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश दिग्विजय सिंह की अदालत में हुई। खमतराई थाना पुलिस द्वारा प्रस्तुत केस डायरी, साक्ष्यों और घटना की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अपराध न सिर्फ गंभीर है, बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी पैदा करता है।
घटना 16 सितंबर 2022 की रात करीब 11 बजे की है। खमतराई इलाके के गणेश नगर स्थित रेलवे पटरी के पास पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इसी विवाद में मोहल्ले में रहने वाले अशोक मंडल (32) और ईश्वर सागर (25) ने अपने दोस्त राहुल साहू को चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। इस भयावह घटना में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका एक पैर ट्रेन की चपेट में आकर कट गया।
घटना के तुरंत बाद घायल राहुल को इलाज के लिए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए घुटने तक पैर काटना पड़ा। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने इसे हत्या का प्रयास मानते हुए दोनों आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई और पीड़ित को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।


