भिवाड़ी में भीषण हादसा: केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में आग
अलवर/भिवाड़ी। भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के खुशखेड़ा-कारोली स्थित एक केमिकल व पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। सुबह अचानक हुए तेज धमाके के बाद फैक्ट्री कुछ ही मिनटों में आग की विकराल लपटों में घिर गई। हादसे में अब तक 8 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य मजदूरों के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फैक्ट्री परिसर से अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे कर्मचारी भी घबराकर बाहर निकल आए। देखते ही देखते फैक्ट्री से धुएं का घना गुबार उठने लगा और आग तेजी से फैलती चली गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल और पटाखा सामग्री का भंडारण किया गया था, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में भयावह रूप ले लिया।
घटना के समय फैक्ट्री में करीब 20 से अधिक मजदूर कार्यरत थे। आग और धुएं की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। कुछ मजदूर पीछे के हिस्से से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन कई अंदर ही फंस गए। मौके पर पहुंचे बचाव दल को अंदर प्रवेश करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि आग लगातार भड़क रही थी और बीच-बीच में छोटे धमाके भी हो रहे थे।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हो गया। भिवाड़ी, तिजारा, धारूहेड़ा और रेवाड़ी सहित कई स्थानों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया, क्योंकि अंदर रासायनिक पदार्थ मौजूद थे। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। रेस्क्यू टीमों ने मलबे और जली संरचना के बीच से शवों को बाहर निकाला।
जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचना दी जा रही है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों को लेकर कई संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि ज्वलनशील केमिकल के संपर्क में आने से धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैली। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन ने फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था की जांच के आदेश दे दिए हैं।
हादसे को लेकर राज्य स्तर पर भी गंभीरता दिखाई गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा जयपुर विधानसभा से सीधे मौके के लिए रवाना हुए। मंत्री लगातार जिला प्रशासन से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में कई इकाइयां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने मांग की है कि फैक्ट्रियों में नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पूरे भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने तक फैक्ट्री को सील कर दिया है और आसपास की अन्य इकाइयों की भी सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि ज्वलनशील पदार्थों से जुड़े उद्योगों में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
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