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    आवारा कुत्तों के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा, “कुत्तों के प्रभारी हैं” कैलाश विजयवर्गीय

    भोपाल।  विधानसभा के प्रश्नकाल में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई. कांग्रेस विधायक आतिफ अकील के सवाल पर मंत्री के बयान और उसके बाद हुई टिप्पणियों से सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में क्या कहा?

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा, “सारे कुत्तों से मुझे लड़ना पड़ता है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि मौसम, कुपोषण, ब्रीडिंग सीजन, बीमारियों और बच्चों की सुरक्षा भावना के कारण कुत्तों में आक्रामकता बढ़ती है, जिससे मानव-श्वान संघर्ष और डॉग बाइट की घटनाएं सामने आती हैं. कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि जनसंख्या बढ़ने के मुकाबले हमारी नसबंदी की संख्या कम है , हम इसे बढाने की कोशिश करेंगे. उन्‍होंने कहा कि बाहर से लोगों को बुलाकर नसबंदी के सेन्टर्स बढाने की कोशिश करेंगे. पूरे समाज को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि श्वान हमारा साथी रहा है।

    आवारा कुत्तों और डॉग लवर्स से लोग परेशान – सीतासरन शर्मा

    बीजेपी विधायक सीतासरन शर्मा ने कहा कि पालतू कुत्तों से दिक्कत नही है. आवारा कुत्तों और डॉग लवर्स से लोग परेशान हैं।

    बीजेपी विधायक राजेन्द्र पांडेय ने कहा

    वहीं बीजेपी विधायक राजेन्द्र पांडेय ने कहा कि खुले में मांस विक्रम, अंडा विक्रय किए जाते हैं. इधर-उधर जूठन को खाकर कुत्ता विभत्स होता है और जब उसे मांस नही मिलता तो काटता है. इसके लिए मांस और अंडा विक्रय को शहर से दूर किया जाए।

    बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा

    इस मामले में बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि यह पूरे देश का विषय है. श्वान की संख्या और डॉग बाईट के केस बहुत सामने आ रहे हैं. सड़ा मांस, विषाक्त भोजन से कुत्ते विकृत रूप ले रहे हैं।

    बीमार कुत्तों को पशु आश्रय में भर्ती कराया जाता है

    उन्होंने बताया कि भोपाल नगर निगम द्वारा घायल या बीमार कुत्तों को पकड़कर पशु आश्रय स्थलों में भर्ती कराया जाता है. आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स 2023 के तहत बिना नसबंदी वाले कुत्तों को डार्क स्पॉट टीम द्वारा पकड़कर नसबंदी केंद्र ले जाया जाता है और ऑपरेशन के बाद मूल स्थान पर छोड़ा जाता है।

    नसबंदी और रेबीज टीकाकरण के आंकड़े

    मंत्री के अनुसार, भोपाल में 80 हजार से अधिक कुत्तों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं, जबकि कुल मिलाकर लगभग 5 लाख टीकाकरण किए गए हैं. नसबंदी के आंकड़े क्रमशः 9291, 18497, 21452 और 21426 बताए गए, जबकि रेबीज टीकाकरण के आंकड़े 20649, 26427 और 26941 रहे. एंटी-रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता 5023 बताई गई।

    कुत्तों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय हैं

    इस दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसते हुए कहा कि आज पहली बार पता चल रहा है कि कुत्तों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय हैं. वहीं भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि अब कुत्ते भी आतंकवादी हो रहे हैं।

                                            

    विधायक आतिफ अकील ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

    विवाद तब और बढ़ गया जब आतिफ अकील ने नसबंदी कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि “और बजट चाहिए, भ्रष्टाचार करना है.” इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने अध्यक्ष से ऐसे “हल्के कमेंट” विलोपित करने की मांग की. आतिफ अकील ने कहा कि सरकार चाहे तो जांच करा सकती है।

    राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल क्या बोले?

    वहीं राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की संख्या भी लगातार घट रही है. आवारा कुत्तों के मुद्दे पर शुरू हुई चर्चा राजनीतिक नोकझोंक में बदल गई और सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही।

    आवारा कुत्तों की नश्‍ल को खत्म किया जाए – गोपाल भार्गव

    विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि भारत एक ऐसा देश हैं जहां 80 करोड़ लोगो को सरकार मुफ्त में राशन दे रही हो, पालतू या आवारा श्वान की आवश्यकता क्या है. देश मे लोग इतने संपन्न हो गए है कि लाखों रुपये श्वानों पर खर्च हो रहे हैं. गोपाल भार्गव ने कहा कि जब तक हिंदुस्तान में हर आदमी को भरपेट भोजन नही मिल जाता श्वान की क्या आवश्यकता है? इनकी आबादी को और नश्ल को खत्म किया जाए।

    स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा

    वहीं इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा रेबीज इंजेक्शन की कोई कमी नही है. लोग हाइड्रोफोबिया के बाद अस्पताल जाते हैं. इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सभी के सुझाव नोट कर लिया गया है. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा यह विषय बहुत गंभीर है, सरकार इसे बहुत गंभीरता से लेगी।

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