जालंधर| ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के शहर जिलॉन्ग में 22 वर्षीय सिख नर्स पर कथित रूप से नस्लीय द्वेष के चलते हमला कर दिया गया। हमले में उसकी नाक टूट गई और वह गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है। पीड़ित हरमनप्रीत सिंह के अनुसार, देर रात वह स्थानीय व्यायामशाला में अभ्यास समाप्त कर बाहर निकले ही थे कि तीन लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनका कहना है कि दुर्व्यवहार की शुरुआत भीतर ही हो गई थी, जो बाहर आकर हिंसा में बदल गई। सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति अचानक उनके बेहद निकट आया और पीछे हटकर सिर से उनकी नाक पर जोरदार प्रहार कर दिया। इससे तुरंत रक्तस्राव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक हमलावरों द्वारा अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां किए जाने की बात सामने आई है। वापस वहीं चले जाओ जहां से आए हो जैसी आपत्तिजनक बातें भी कही गईं। हमला करने के बाद आरोपी एक कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां पूरी रात चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों ने आगे विशेषज्ञ परामर्श और संभव शल्य चिकित्सा की आवश्यकता जताई है। सिंह ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय दुर्व्यवहार का यह उनका पहला अनुभव नहीं है, किंतु यह घटना अत्यंत भयावह रही। हाल के समय में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों के विरुद्ध नस्लीय घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। पिछले वर्ष एडिलेड में एक भारतीय छात्र पर भी कथित रूप से नस्लीय हमला हुआ था। इसके अतिरिक्त मेलबर्न स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की घटना ने प्रवासी समुदाय की चिंता बढ़ाई थी। ताजा घटना ने एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया में प्रवासियों की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।


