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    AI से नौकरियों का खतरा? ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने दिया बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी कही ये बात

    नई दिल्ली। ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन (CEO Sam Altman) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अहम बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि AI अब हाई स्कूल (High School) स्तर की गणित से आगे बढ़कर मानव ज्ञान (Human knowledge) की सीमाओं को छू रहा है। एक साल पहले जहां AI केवल हाई स्कूल मैथ कर पाता था, अब यह नई रिसर्च और फिजिक्स में भी सक्षम हो गया है। ऑल्टमैन ने ओपनएआई को रिसर्च-फर्स्ट कंपनी बताया, जहां प्रोडक्ट भी रिसर्च का नतीजा होता है। ये बातें उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया कार्यक्रम में कही।

    भारत में AI को लेकर उत्साह
    ऑल्टमैन ने भारत को लेकर अपनी उत्सुकता जताई। उन्होंने कहा कि भारत में बिल्डर एनर्जी जबरदस्त है और आईआईटी दिल्ली में सुबह का माहौल शानदार था। भारत चैटजीपीटी के टॉप यूजर्स में से एक है, जहां लोग कोडिंग, डेटा एनालिसिस और सीखने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। ओपनएआई ने मुंबई और बेंगलुरु में नए ऑफिस खोलने की घोषणा की और टीसीएस, मेकमाईट्रिप, जियोहॉटस्टार जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की। ऑल्टमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा की तारीफ करते हुए कहा कि भारत को AI के सभी लेयर्स पर खेलना चाहिए।

    सुपरइंटेलिजेंस और बैलेंस ऑफ पावर
    एजीआई (Artificial General Intelligence) पर ऑल्टमैन ने कहा कि अब यह काफी करीब है, जबकि ASI (Artificial Super Intelligence) कुछ साल दूर है। उन्होंने जोर दिया कि किसी एक देश या कंपनी के पास सुपरइंटेलिजेंस का कंट्रोल नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक असंतुलन पैदा होगा। AI के डेमोक्रेटाइजेशन की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि गार्डरेल्स के साथ AI हर किसी के हाथ में होना चाहिए।

    AI और नौकरियों पर असर
    नौकरियों को लेकर ऑल्टमैन ने इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन में भी लोग डरते थे, लेकिन समाज ने एडजस्ट किया। AI से कई प्रोफेशन बदलेंगे या समाप्त होंगे, लेकिन नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और लोग नई चीजें करेंगे। उन्होंने AI को मानव एजेंसी बढ़ाने वाला बताया।

    एलन मस्क और ऊर्जा पर टिपण्णी
    ऑल्टमैन ने एलन मस्क की तारीफ की, साथ ही प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया। ऊर्जा खपत पर उन्होंने कहा कि वाटर यूज के दावे फेक हैं, लेकिन सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ना होगा। उन्होंने ग्लोबल कोऑपरेशन, डेमोक्रेसी और संतुलित विकास पर जोर दिया।

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