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    कोटा में मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर का शिलान्यास, ओम बिरला ने दी विकास की नई सौगात

    18.24 करोड़ से प्रथम चरण के कार्य शुरू, हैरिटेज वॉक में शामिल होकर पर्यटन को बढ़ावा

    जयपुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कोटा के पाटनपोल स्थित श्री बड़े मथुराधीश जी मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण एवं अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कोटा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हैरिटेज वॉक में भी भाग लेकर शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को नजदीक से देखा।

    उन्होंने कहा कि श्री मथुराधीश जी मंदिर केवल श्रद्धा का केंद्र ही नहीं, बल्कि हाड़ौती की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मंदिर की प्राचीन गरिमा को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें।

    शिलान्यास कार्यक्रम में बिरला ने बताया कि कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा 18.24 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर के प्रथम चरण के तहत श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। परिक्रमा मार्ग, यात्री सुविधाएं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा।

    इसके बाद बिरला के नेतृत्व में गणमान्यजन हैरिटेज वॉक में शामिल हुए। यह वॉक श्री मथुराधीश जी मंदिर से पाटनपोल होते हुए गढ़ पैलेस तक पहुंची, जहां साफा फेस्ट के अंतर्गत अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।

    हैरिटेज वॉक के दौरान कैथूनीपोल थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने 9.82 करोड़ रुपये की लागत से कैथूनीपोल चौराहे से सेंट पॉल स्कूल तक बनने वाली लिंक सड़क का शिलान्यास किया।

    वॉक श्रीपुरा, सब्जी मंडी और अग्रसेन बाजार होते हुए रामपुरा बाजार पहुंची, जहां पीपल चौक पर इसका समापन हुआ। इस दौरान 2.5 करोड़ रुपये की लागत से महात्मा गांधी विद्यालय, महारानी विद्यालय रामपुरा, घंटाघर और लक्खी बुर्ज पर फसाड लाइट इंस्टॉलेशन कार्य का भी शुभारंभ किया गया।

    बिरला ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, उज्जैन, सोमनाथ मंदिर और खाटू श्यामजी मंदिर जैसे प्रमुख धामों का विकास हुआ है, उसी भावना से श्री मथुराधीश जी मंदिर को भी आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

    लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के साथ रामगढ़ अभयारण्य और चंबल की जल-जंगल सफारी को भी विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कोटा को आध्यात्मिक, पर्यावरण और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी हैं।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार कोटा को बहुआयामी विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही है। विधायक संदीप शर्मा ने इसे क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग बताते हुए कहा कि कॉरिडोर निर्माण से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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