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    Homeसामाजिक संतुलन पर जोर, विधानसभा में उठी EWS प्रतिनिधित्व की मांग

    सामाजिक संतुलन पर जोर, विधानसभा में उठी EWS प्रतिनिधित्व की मांग

    बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत ने राजस्थान की पंचायत समितियों में सामान्य वर्ग की भागीदारी का मुद्दा उठाया

    अलवर। बानसूर विधानसभा से भाजपा विधायक देवी सिंह शेखावत ने आज विधानसभा में नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव पर बोलते हुए सामाजिक संतुलन और समान प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया।

    उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए वे आभारी हैं। विधायक शेखावत ने बताया कि विगत चुनाव में प्रदेश की कुल 352 पंचायत समितियों में से 32 ऐसी पंचायत समितियां हैं, जिनमें एक भी सदस्य सामान्य वर्ग से नहीं है। वहीं 50 पंचायत समितियां ऐसी हैं, जिनमें केवल एक सदस्य सामान्य वर्ग से है।

    EWS वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की मांग

    विधायक शेखावत ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आगामी टिकट वितरण में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) को पंचायत एवं निकायों में अन्य वर्गों की तरह आरक्षण का अनुपात तय किया जाए।

    उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तभी सशक्त होगा जब समाज का हर वर्ग निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बने।” सदन से उन्होंने ठोस नीति बनाने का आग्रह किया।

    सैनी समाज और फूले बोर्ड को लेकर रखी मांग

    विधायक शेखावत ने कहा कि राजस्थान में ओबीसी वर्ग में आरक्षित सैनी समाज को आबादी के हिसाब से नौकरी एवं अन्य सुविधाओं में पूर्ण लाभ दिया जाए। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फूले बोर्ड को देवनारायण बोर्ड की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार देने की मांग भी रखी।

    इसके अतिरिक्त उन्होंने आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की बात कही तथा फूले दंपत्ति को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने माली, सैनी, मौर्य, कुशवाहा आदि समाज की विभिन्न मांगों पर भी कार्रवाई करने का आग्रह किया।

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