विधानसभा में टीकाराम जूली ने शिक्षा और स्कूटी योजना पर सरकार को घेरा
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि सदन में मंत्रियों के पास न तो स्पष्ट विजन है और न ही अपने विभागों के आंकड़ों की समुचित जानकारी।
जूली ने विशेष रूप से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत से पूछे गए सवालों का उल्लेख करते हुए सरकार को निरुत्तर बताया।
शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था “भगवान भरोसे” चल रही है। उन्होंने सदन में पूछा कि विभाग में कितने नए पदों का सृजन हुआ, कितने पद भरे गए और कितने रिक्त हैं। जूली का आरोप था कि मंत्री गोल-मोल जवाब देते रहे और स्पष्ट आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा कि लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से जुड़े विभाग के मंत्री को अपने ही विभाग की रिक्तियों की जानकारी नहीं होना बेहद गंभीर विषय है।
स्कूटी योजना पर उठाए गंभीर प्रश्न
सामाजिक न्याय विभाग से संबंधित मुद्दों पर जूली ने विशेष योग्यजनों और मेधावी छात्राओं को समय पर स्कूटी नहीं मिलने का मामला उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
बजट आवंटन के बावजूद वितरण में देरी हुई।
देरी के कारण स्कूटियों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।
लाभार्थियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
जूली ने सवाल उठाया कि यदि कीमतें बढ़ी हैं तो इसका आर्थिक भार कौन वहन करेगा और जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि विधानसभा जनता के सवालों का मंच है, न कि जवाबदेही से बचने का स्थान।उन्होंने भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार से मांग की कि शिक्षा विभाग में रिक्त पदों और स्कूटी वितरण योजना की वर्तमान स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
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