लंबित प्रकरणों की संख्या मानक से कम, न्यायालय खोलने पर फिलहाल असमर्थता
जयपुर। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ (अलवर) में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) की स्थापना को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। भविष्य में यदि प्रस्ताव पुनः प्राप्त होता है तो उसे संवेदनशीलता के साथ निर्धारित न्यायिक मानकों के आधार पर परीक्षण कराया जाएगा।
प्रश्नकाल के दौरान सदस्य सुखवंत सिंह द्वारा उठाए गए प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि रामगढ़ में एडीजे कोर्ट खोलने के लिए पूर्व विधायक साफिया जुबेर ने मांग पत्र प्रस्तुत किए थे। विधि विभाग ने आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव को आगे बढ़ाया, लेकिन राजस्थान उच्च न्यायालय की समिति ने इसे अस्वीकार कर दिया।
1000 से 1200 मामलों की आवश्यकता
मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि एडीजे स्तर के न्यायालय की स्थापना के लिए नियमानुसार 1000 से 1200 प्रकरण लंबित होना आवश्यक है। वर्तमान में रामगढ़ में ऐसे मामलों की संख्या केवल 450 है, जो निर्धारित मानक से काफी कम है। इसी कारण फिलहाल नए न्यायालय की स्थापना संभव नहीं है।
सरकार का सकारात्मक दृष्टिकोण
विधि मंत्री ने बताया कि विगत चार वर्षों में प्रदेश में कई नए अपर जिला एवं सत्र न्यायालय स्थापित किए गए हैं। उनका विवरण सदन की मेज पर रखा गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और नए न्यायालय खोलने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है, लेकिन यह निर्णय न्यायिक मापदंडों और उच्च न्यायालय के अनुमोदन पर निर्भर करता है।
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