जयपुर|राज्य विधानसभा की कार्यवाही आज प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। तारांकित प्रश्नों की सूची में 22 प्रश्न शामिल हैं, जबकि अतारांकित प्रश्नों की सूची में भी 22 प्रश्न रखे गए हैं। सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विभागों, चिकित्सा विभाग, संसदीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन और वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछे जाएंगे।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर होगी चर्चा
सदन में कई ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी चर्चा निर्धारित है। विधायक कैलाश चंद वर्मा पंचायत राज मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे कि पंचायत समिति सांगानेर का कार्यालय जनहित में बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किया जाए। विधायक रविंद्र सिंह भाटी नगरीय विकास राज्य मंत्री का ध्यान अजमेर नगर निगम द्वारा नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए जाने के मामले की ओर दिलाएंगे।वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ न्यायोचित कार्रवाई और पिछले तीन महीनों में जारी सभी पट्टों की जांच की मांग करेंगे। विधायक समरजीत सिंह जल संसाधन मंत्री का ध्यान जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र में बांडी नदी पर स्थित सिणधरा बांध के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में सिंचाई के लिए नहर निर्माण और जल निकासी हेतु गेट लगाए जाने के विषय पर आकर्षित करेंगे।
सदन की मेज पर रखे जाएंगे पत्र और प्रतिवेदन
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म गृह विभाग से संबंधित एक अधिसूचना सदन की मेज पर रखेंगे। वहीं मंत्री झाबर सिंह खर्रा जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
याचिकाएं भी होंगी पेश
विधायक संजीव कुमार दो याचिकाएं सदन में प्रस्तुत करेंगे। इनमें भादरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कणाऊ और कुंजी के आठ गांवों के लिए सिद्धमुख सिंचाई परियोजना की रासलाना वितरिका से पेयजल स्रोत निर्माण की मांग शामिल है। साथ ही पंचायत समिति भादरा के जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
विधायी कार्य भी होंगे संपन्न
सदन में आज दो संशोधन विधेयक पटल पर रखे जाएंगे। राजस्थान पंचायती राज संशोधन विधेयक, 2026 को मंत्री मदन दिलावर पेश करेंगे, जबकि राजस्थान नगर पालिका संशोधन विधेयक, 2026 को मंत्री झाबर सिंह खर्रा सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 तथा राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के बाद उन्हें पारित किए जाने की संभावना है। आज की कार्यवाही में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, याचिकाएं और महत्वपूर्ण विधायी कार्य केंद्र में रहेंगे।


