रेडक्रॉस सर्किल व गंगा मंदिर क्षेत्र के विकास, सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास का प्रस्ताव
भरतपुर। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने भरतपुर शहर के समग्र एवं संतुलित विकास को लेकर मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक और वार्ता के बाद शहर के प्रमुख एवं ऐतिहासिक स्थलों के पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण और नियोजित रूपांतरण के संबंध में विस्तृत सुझाव पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि यदि इन सुझावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए तो भरतपुर शहर राज्य के प्रमुख विकसित शहरों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
सीताराम गुप्ता द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि रेडक्रॉस सर्किल शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार है और यह दिल्ली-जयपुर-डीग-भरतपुर मार्ग का महत्वपूर्ण जंक्शन भी है। यदि इस सर्किल का विकास जयपुर के प्रसिद्ध सवाई जयसिंह सर्किल की तर्ज पर किया जाए तो शहर के सौंदर्यीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सर्किल के पास स्थित बाबू राजबहादुर लाइब्रेरी भवन वर्तमान में जर्जर अवस्था में है। इसे हटाकर तथा कुम्हेर गेट की ओर से आ रहे नाले का समुचित उपयोग करते हुए और मछली मार्केट को हटाने के बाद उपलब्ध भूमि का उपयोग कर एक आकर्षक सर्किल विकसित किया जा सकता है। इसमें रंग-बिरंगी रोशनी और फव्वारों की व्यवस्था भी की जा सकती है।
गुप्ता ने सुझाव दिया कि पुराने बिजलीघर क्षेत्र को शहर का ‘सिर’ मानते हुए यहां भी सर्किल बनाकर सौंदर्यीकरण किया जाए। इस स्थान पर आधुनिक टीनशेड बनाकर सभी सुविधाओं से युक्त विश्राम स्थल विकसित किया जा सकता है, जिससे शहरवासियों और पर्यटकों को स्वच्छ और सुन्दर बैठने का स्थान मिल सके। इसे शहर का प्रमुख सामाजिक मिलन केन्द्र भी बनाया जा सकता है।
पत्र में बी-नारायण गेट क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के बाद उपलब्ध भूमि का उपयोग कर हरित पट्टी विकसित करने तथा लोगों के बैठने के लिए स्वच्छ एवं सुंदर व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया गया है।
सीताराम गुप्ता ने प्रमुख आस्था स्थल गंगा मंदिर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर इसे इसके मूल ऐतिहासिक स्वरूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने गंगा मंदिर से बिहारी जी मंदिर तक टेलीस्कोपिक व्यू प्वाइंट बनाकर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है। साथ ही गंगा मंदिर परिसर के ऐतिहासिक घंटाघर की मरम्मत कर उसे पुनः चालू करने की आवश्यकता भी बताई है।
उन्होंने लक्ष्मण मंदिर क्षेत्र को शहर का ‘दिल’ बताते हुए इसके विकास को अलवर के होप सर्कस की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया है। इसके लिए जिला प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई गई है।
पत्र में कुम्हेर गेट क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण, संरचनात्मक सुधार और बेहतर यातायात प्रबंधन की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। वहीं अनाह गेट क्षेत्र में असंगठित सब्जी मंडी के कारण बाधित हो रहे यातायात को देखते हुए वैकल्पिक सब्जी मंडी विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अतिरिक्त अटलबंध क्षेत्र के संतुलित विकास, शहर के श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, शीशम तिराहे से सरसों अनुसंधान केंद्र तक सड़क को आठ लेन में विकसित करने, शहर में हेरिटेज वॉक शुरू करने तथा बंद पड़ी चौपाटी को पुनः प्रारंभ करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी पत्र में शामिल किए गए हैं।
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