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    लोकसभा में अनुपूरक मांगों पर गरमाई बहस

    अनुपूरक मांगों को भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने बताया वैश्विक संकट का समाधान

    नई दिल्ली। लोकसभा में वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण समाधान बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने करीब एक लाख करोड़ रुपये की आर्थिक स्थिरीकरण निधि बनाकर वैश्विक चुनौतियों से निपटने की तैयारी की है।

    चर्चा की शुरुआत करते हुए पाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट, खासकर इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, के कारण पूरी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि होरमुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से कच्चे तेल की ढुलाई पर असर पड़ा है।

    पाल ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसे ईरान ने उस समुद्री मार्ग से तेल की ढुलाई की अनुमति दी है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें 88 डॉलर से बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर गैस, उर्वरक और परिवहन क्षेत्र पर पड़ सकता है।

    भाजपा सांसद ने कहा कि अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच का कुल आकार 2.81 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग दो लाख करोड़ रुपये नया नकद व्यय शामिल है। इससे स्पष्ट है कि सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इसमें एक लाख करोड़ रुपये ‘टेक्निकल सप्लीमेंट्री टोकन’ प्रावधान के लिए भी रखे गए हैं।

    पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनाई गई आर्थिक स्थिरीकरण निधि वर्तमान संकट से निपटने के साथ-साथ भविष्य में आने वाली वैश्विक चुनौतियों के लिए भी सुरक्षा कवच का काम करेगी और वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

    चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच पाल ने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार वर्ष 2013-14 में 304 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो बढ़कर वर्तमान में 686 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संप्रग शासनकाल में विदेशी निवेश देश से बाहर जा रहा था, जबकि वर्तमान में यह बढ़कर 748 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया।

    इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी को एकजुट होकर संकट का समाधान करना चाहिए और राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में काम करना चाहिए।

    वहीं जदयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि देश में कहीं भी एलपीजी या पेट्रोल की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं, जिससे समस्या पैदा हो रही है।

    इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से लगातार अंतरराष्ट्रीय नेताओं की आलोचना करने की अपेक्षा करना देशहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों में भारत को संतुलित कूटनीति अपनाने की जरूरत है।

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