अभिषेक, शांतिधारा व भक्तामर जाप के साथ गूंजा आदिनाथ कल्याणक उत्सव
कठूमर। कस्बे के श्री पारसनाथ एवं श्री आदिनाथ जैन मंदिर में प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव श्री 1008 आदिनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। बृहस्पतिवार को दोनों जैन मंदिरों में भगवान के जिनबिंब को पांडुकशिला पर विराजमान कर प्राणी मात्र के कल्याण एवं विश्व शांति की कामना के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधान से सम्पन्न की गई।
भक्तों द्वारा की गई पूजा-अर्चना एवं आराधना से जिनालय का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। मंदिर समिति अध्यक्ष मुकेश जैन एवं मंत्री नरेश जैन ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकजुटता, सहयोग एवं सद्भाव की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने बताया कि यह पर्व मरुदेवी माता एवं राजा नाभिराय के पुत्र आदि पुरुष भगवान आदिनाथ का जन्मकल्याणक दिवस है, जो अहिंसा के संदेश एवं गृहस्थ जीवन के उत्थान के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
इस अवसर पर शांतिधारा एवं अभिषेक का पुण्यार्जन विजयपाल जैन, जितेंद्र कुमार आतिश्य (लकी) जैन, नत्थीलाल जैन, संजय जैन तथा प्रसून नितिश जैन ने प्राप्त किया। सायंकाल पुण्यार्जक जितेंद्र कुमार आतिश्य जैन की ओर से 48 दीपकों के साथ भक्तामर जाप, आदिनाथ चालीसा एवं सामुदायिक आरती का आयोजन किया गया। इसके पश्चात भगवान की पालना झुलाई की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में कैलाश चंद जैन, पारस जैन, शीतल जैन, पूनम जैन, मिन्नी जैन, सविता जैन, कृपा शर्मा, अर्चना जैन, अंजू जैन, मिथलेश जैन, ललिता जैन, सुषमा जैन, अनिता जैन, ऊषा जैन, मंजू जैन सहित बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
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