नौकरी के झांसे में फंसाकर युवाओं से करवाई जाती थी हाईटेक ऑनलाइन ठगी
अलवर। म्यांमार में संचालित ठगी कॉल सेंटर से मुक्त कराए गए 270 भारतीय युवाओं में अलवर जिले के दाउदपुर निवासी अमन भी सुरक्षित अपने घर पहुंच गए हैं। अमन ने इस बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
अमन ने बताया कि उन्हें डाटा एंट्री की नौकरी का झांसा देकर दिल्ली के एक दलाल के माध्यम से म्यांमार भेजा गया था। वहां पहुंचने के बाद उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और उन्हें जबरन ऑनलाइन ठगी के काम में लगा दिया गया।
उनके अनुसार म्यांमार में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे, जहां भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देशों के युवाओं से साइबर ठगी करवाई जाती थी। इन कॉल सेंटरों में युवाओं को फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर विदेशों में रहने वाले लोगों से दोस्ती करने और निवेश के नाम पर पैसे ठगने के लिए मजबूर किया जाता था।
अमन ने बताया कि ठगी का निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर युवाओं को सजा दी जाती थी, जबकि लक्ष्य पूरा करने वालों को इनाम और पार्टी देकर प्रोत्साहित किया जाता था। इस दौरान उन्हें इस बड़े ठगी नेटवर्क की जानकारी हुई तो उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क कर मदद मांगी।
बाद में कार्रवाई के दौरान 270 भारतीय युवाओं को मुक्त कराकर भारत वापस भेजा गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में युवाओं के बीच नौकरी के नाम पर हो रही ठगी को लेकर चिंता का माहौल है।
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