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    Homeबिजनेससंयुक्त अरब अमीरात से सुरक्षित भारत लौट रही ‘जग लाडकी’

    संयुक्त अरब अमीरात से सुरक्षित भारत लौट रही ‘जग लाडकी’

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आए भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तत्काल राहत मिली है।

    नंदा देवी आज पहुंचेगा कांडला पोर्ट

    कतर के रास लाफान पोर्ट से 46,000 टन एलपीजी लेकर चला टैंकर शिवालिक नौ दिन की यात्रा के बाद सोमवार को मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया। इसी तरह लगभग 46,000 टन एलपीजी लेकर आ रहा नंदा देवी टैंकर मंगलवार सुबह कांडला पोर्ट पहुंचने वाला है। दोनों जहाज सरकारी कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्वामित्व में हैं।

    जग लाडकी के आज मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद

    वहीं, यूएई के फुजैरा पोर्ट से शनिवार को रवाना हुआ क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी मंगलवार दोपहर मुंद्रा पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज करीब 81,000 टन मुरबन क्रूड लेकर आ रहा है। खास बात यह है कि जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैरा के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। सूत्रों के अनुसार, शिवालिक से आए एलपीजी में से 20,000 टन मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी 26,000 टन न्यू मैंगलोर पोर्ट भेजा जाएगा। वहीं नंदा देवी के एलपीजी को कांडला पोर्ट के पास वडिनार में समुद्र में ही छोटे जहाजों में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे अलग-अलग स्थानों तक सप्लाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर विशेष स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जहां से गैस पाइपलाइन के जरिए गांधिधाम के मिथी रोहर होते हुए गेल को भेजी जाती है और फिर राष्ट्रीय गैस ग्रिड के जरिए देशभर में सप्लाई होती है।

    सरकार ने क्या दिए निर्देश?

    सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और कार्गो ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज, बर्थ हायर और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है, साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इधर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने रेल रेक्स की अतिरिक्त मांग रखी है, ताकि गैस की आपूर्ति देशभर में तेजी से पहुंचाई जा सके।

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