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    अगर ईरान ने हमले नहीं रोके तो सऊदी अरब और उसके साझेदार करेंगे जवाबी कार्रवाई

    रियाद। पश्चिम एशिया में जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों की चिंता बढ़ गई है और अब सऊदी अरब का सब्र टूटता दिख रहा है। सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उनके देश और उसके सहयोगियों की सहनशक्ति खत्म हो रही है। प्रिंस फैसल ने साफ कहा कि ईरान को तुरंत अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने इशारों में यह भी जता दिया कि अगर हमले नहीं रुके, तो सऊदी अरब और उसके साझेदार जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस फैसल ने कहा कि हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पास बहुत बड़ी क्षमता और ताकत है। अगर हम चाहें, तो उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब और किन हालात में सऊदी जवाब देगा, लेकिन उनके बयान से साफ है कि अब स्थिति संवेदनशील हो चुकी है। प्रिंस फैसल ने ईरान पर आरोप लगाया कि यह हमले अचानक नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किए गए हैं।
    बता दें ईरान ने बुधवार को खाड़ी देशों के कई अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया था। कतर के रास लाफन गैस प्लांट पर हमला हुआ, जो दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी केंद्रों में से एक है। इस हमले की कतर ने कड़ी निंदा की और इसे खुली आक्रामकता बताया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के हबशन गैस प्लांट को भी निशाना बनाया, जहां हमले के बाद ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकने पड़े। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उनकी एयर डिफेंस ने 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 27 ड्रोन को मार गिराया।
    रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब भी इस हमले से अछूता नहीं रहा। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने रियाद की ओर आ रही चार मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, जबकि दो मिसाइलें देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई थीं। ईरान ने इन हमलों के पीछे अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजराइल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में की गई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ, तो खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि सऊदी अरब और उसके सहयोगी इस दलील को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान जानबूझकर पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंकने की कोशिश कर रहा है।
    प्रिंस फैसल ने यह भी कहा कि भले ही एक दिन यह जंग खत्म हो जाए, लेकिन ईरान के साथ भरोसा बहाल करना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की हरकतों ने भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। अगर वह तुरंत नहीं रुका, तो भविष्य में संबंध सामान्य होना नामुमकिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान पिछले एक दशक से ऐसी रणनीति बना रहा था, जिसमें पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश शामिल है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि अब खाड़ी क्षेत्र सिर्फ दर्शक नहीं रह गया है, बल्कि सीधे इस संघर्ष की चपेट में आ चुका है। अगर ईरान के हमले नहीं रुकते, तो आने वाले दिनों में यह टकराव और बड़ा रूप ले सकता है।

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