कबीरधाम|कक्षा पहली से चौथी, छठी व सातवीं की वार्षिक परीक्षाएं 30 मार्च से शुरू हो गई हैं। इस वर्ष की परीक्षाएं खास हो गई हैं क्योंकि कबीरधाम, धमतरी व दुर्ग जिलों में प्रश्न पत्र एक जैसे मिले हैं। कक्षा चौथी के हिंदी, छठी के गणित व सातवीं के हिंदी के प्रश्न पत्र हूबहू समान पाए गए हैं।इन प्रश्न पत्रों में निर्देश, प्रश्न क्रमांक और अन्य सभी जानकारी एक जैसी है। केवल तीन कक्षाओं का मिलान किया गया, संभवतः पहली से तीसरी कक्षा के प्रश्न पत्र भी समान हो सकते हैं। इन तीनों जिलों की परीक्षाएं 30 मार्च से एक साथ प्रारंभ हुई हैं। छग टीचर्स एसोसिएशन ने इस पर सवाल उठाया है। संघ का कहना है कि जब हर जिले में अलग प्रश्न पत्र निर्माण समिति है, तो ये एक जैसे कैसे हो सकते हैं। एसोसिएशन ने इसकी उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने इसे लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का खुला उल्लंघन बताया है।लोक शिक्षण संचालनालय छग ने 3 फरवरी 2026 को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे। इसमें समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को जिला स्तर पर समितियां गठित करने को कहा गया था। इनमें संचालन समिति, प्रश्न पत्र निर्माण समिति और संशोधन समिति शामिल थीं। प्रश्न पत्र निर्माण समिति को रूपरेखा के आधार पर तीन प्रश्न पत्रों के समूह तैयार करने थे। संशोधन समिति द्वारा इन प्रश्न पत्रों का संशोधन किया जाना था।जिला स्तरीय संचालन समिति की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रश्न पत्र मुद्रित कराने थे। जब प्रत्येक जिले को अपने प्रश्न पत्र मुद्रित कराने हैं, तो तीन जिलों के प्रश्न पत्र एक जैसे कैसे हो सकते हैं। यह स्पष्ट है कि कबीरधाम, धमतरी व दुर्ग में से किन्हीं दो जिलों ने अपने प्रश्न पत्र मुद्रित नहीं कराए। उन्होंने दूसरे जिले के प्रश्न पत्र को ही मुद्रित कर लिया, जो निर्देशों का खुला उल्लंघन है।


