शहर में नवकार रथ के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब, रथयात्रा वापसी पर गूंजे जयकारे
अलवर। महावीर जयंती महोत्सव का समापन रथयात्रा की वापसी के साथ हुआ, लेकिन इस दौरान सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र नवकार रथ रहा। रथयात्रा की वापिसी के दौरान मार्ग में महिला-पुरूषों ने रथ में विराजमान श्रीजी के समक्ष नृत्य के साथ जिनेन्द्र भक्ति की और भगवान महावीर के जयकारे लगाते रहे। स्वर्ण रथ के साथ नवकार रथ भी शामिल रहा, जिसकी भी श्रद्वालुओं ने अगवानी की।
नवकार रथ बना श्रद्धा का मुख्य केंद्र
रथयात्रा की वापसी के दौरान स्वर्ण रथ के साथ चल रहा नवकार रथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा। जगह-जगह लोगों ने नवकार रथ की अगवानी की, पुष्प वर्षा की और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालु नर-नारी भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन नजर आए।
नवकार रथ के साथ भव्य जुलूस निकला
जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि सुबह जैन नसिया जी से श्रीजी को पालकी में लाकर स्वर्ण रथ में विराजमान किया गया। इसके बाद नवकार रथ और समवशरण रथ के साथ भव्य जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुंशी बाजार स्थित श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर पहुंचा।
रास्ते में श्रद्धालुओं ने रथों की आरती की और नवकार रथ का विशेष स्वागत किया।
नवकार रथ यात्रा का उद्देश्य
जीतो के अलवर प्रवक्ता नीरज जैन के अनुसार, इस नवकार रथ यात्रा का शुभारंभ भजन लाल शर्मा द्वारा किया गया है। यह रथ विभिन्न शहरों से होते हुए अलवर पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का आयोजन जैन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (जीतो) राजस्थान द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में नवकार मंत्र की महिमा, आध्यात्मिक चेतना और एकता का प्रसार करना है।
नवकार रथ स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने नवकार रथ का स्वागत करते हुए भक्ति भाव प्रकट किया। महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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