हनुमान जन्मोत्सव पर भंडारे का आयोजन: किशनगढ़ बास में आस्था और सेवा का संगम
किशनगढ़ बास। शहर के पुराना बाजार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे दिन आस्था व सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह 11 बजे शुरू हुए भंडारे में दोपहर 4 बजे तक श्रद्धालुओं की पंगत लगातार चलती रही। बड़ी संख्या में भक्त प्रसादी ग्रहण करने पहुंचे, वहीं सेवा देने के लिए स्वयंसेवकों में भी उत्साह देखने को मिला। महिलाओं के बैठने और प्रसादी वितरण की विशेष व्यवस्था गंगा मंदिर में की गई थी।
मंदिर के महंत पंडित कालूराम शर्मा ने बताया कि भंडारे से पूर्व सुबह अखंड रामायण पाठ का समापन किया गया। इसके बाद हवन यज्ञ आयोजित हुआ, जिसमें हनुमान भक्तों ने सामूहिक आहुति दी और महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
भंडारा आयोजन समिति के विनय टिंटू गोयल ने बताया कि प्रसाद में आलू और कोले की सब्जी, पूरी और बूंदी दाने बनाए गए। भंडारे के लिए 8 क्विंटल आटे की पूरियां, 8 बोरी आलू, 2 कैरेट टमाटर, 5 क्विंटल कोला और 60 किलो केरी की सब्जी तैयार की गई। इसके अलावा 160 किलो बेसन, 20 किलो मैदा और 4 क्विंटल चीनी से बूंदी तैयार की गई। इसमें 20 टीन रिफाइंड, 6 टीन डालडा और 6 टीन देसी घी का उपयोग किया गया।
आयोजन के दौरान गैस सिलेंडर की कमी भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर आयोजकों ने लकड़ी की भट्टी का सहारा लेकर प्रसादी तैयार करवाई। हालांकि, आरोप यह भी सामने आया कि कुछ सिलेंडर ब्लैक में 2500 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से खरीदे गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद कालाबाजारी कैसे हो रही है। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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