अस्पताल में फर्जीवाड़ा कर सहायक ने तैयार किए नकली बिल, एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी
जयपुर। राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध भंडारी अस्पताल में कार्यरत एक सहायक द्वारा लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों को सीज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भंडारी अस्पताल में वर्ष 2019 से सहायक के रूप में कार्यरत मनीष कुमार सोनी पर आरोप है कि उसने अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिल तैयार किए। इन बिलों के आधार पर उसने फर्जी कागजात लगाकर लाखों रुपये की राशि निकालकर निजी उपयोग में ली।
शिकायतकर्ता डॉ. के.एम. भंडारी ने आरोप लगाया कि आरोपी मरीजों से डॉक्टर बनकर अधिक शुल्क वसूलता था और स्वयं दवाइयां लिखकर उन्हें उपलब्ध कराता था। साथ ही अस्पताल की फार्मेसी के जीएसटी नंबर का उपयोग कर अपने खातों में पैसे मंगवाता था।
आरोपी द्वारा संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर नकली कागजात तैयार किए गए, जिनके जरिए बड़ी राशि का भुगतान प्राप्त किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और जांच अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह धोखाधड़ी सुनियोजित तरीके से की गई है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कम वेतन के बावजूद बीते वर्षों में लाखों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली। उसके पास करीब 20 लाख रुपये से अधिक कीमत की कार, महंगी मोटरसाइकिल तथा विभिन्न प्रॉपर्टी में निवेश की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच में जुटी हुई है।
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