रणनीति बैठक के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी हलचल तेज, एनडीए में मंथन जारी
पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्यता ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। दिल्ली में शपथ लेने के बाद पटना लौटते ही उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में जदयू की भूमिका, मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और नए चेहरों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के सवाल पर जदयू नेता विजय चौधरी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक टली
इधर बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक टलने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। यह बैठक दिल्ली में विनोद तावड़े के आवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक अब यह बैठक 13 अप्रैल को हो सकती है। इसमें मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले पटना में एनडीए की बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
पटना में होगा बड़ा फैसला
जदयू सूत्रों के अनुसार, एनडीए के सभी सहयोगी दलों को अपने विधायकों को पटना बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि 12 या 13 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
माना जा रहा है कि इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा और उसके बाद दिल्ली में अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
इस्तीफा और नई सरकार की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, 12 या 13 अप्रैल को होने वाली बैठकों के बाद 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और बीजेपी अपने नेताओं को अहम विभागों की जिम्मेदारी दे सकती है।
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