आस्था के माहौल में ऋषभदेव महामस्तकाभिषेक में 170 कलशों से हुआ अभिषेक, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
जयपुर। गायत्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर, महारानी फार्म में प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का भव्य महामस्तकाभिषेक महोत्सव शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन महावीर तपोभूमि उज्जैन व गोलोक धाम के प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज के 41वें गृह त्याग दिवस के अवसर पर उनके ससंघ सानिध्य और प्रेरणा से मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया की सर्वप्रथम मन्दिर जी में नित्य अभिषेक हुए, इसके पश्चात मनोज बोहरा परिवार द्वारा आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए गए। महामस्तकाभिषेक के दौरान 170 कलशों से भगवान ऋषभदेव का अभिषेक किया गया, जो इस मंदिर में पहली बार आयोजित हुआ।
प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य अनिल गोधा परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि शांति धारा का सौभाग्य कैलाश छाबड़ा परिवार और गुंजन जैन परिवार को मिला।
इस अवसर पर आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विशेष योग का दिन है और भविष्य में भगवान ऋषभदेव के जन्म कल्याणक (चैत्र बदी नवमी) पर प्रतिवर्ष महामस्तकाभिषेक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने णमोकार महामंत्र के 24 घंटे के अखंड सामूहिक पाठ का भी आह्वान किया।
मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया और आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर आचार्य श्री के 41वें गृह त्याग दिवस पर 41 ऐसे पुरुषों को सम्मानित किया गया, जो नियमित रूप से अभिषेक करते हैं।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में गायत्री नगर, महारानी फार्म सहित विभिन्न क्षेत्रों से 170 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अष्ट द्रव्यों से पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि आचार्य श्री संघ सहित 12 अप्रैल को प्रातः 6 बजे जवाहर नगर की ओर मंगल विहार करेंगे।
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