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    सम्मेद शिखर में मंगल प्रवेश, दिगम्बर जैनाचार्य वसुनन्दी महाराज की ससंघ हुई भव्य अगवानी

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ में हुआ मंगल प्रवेश, पंचरंगा ध्वज यात्रा बनी आकर्षण

    अलवर। जैन धर्मावलंबियों के प्रमुख आस्था केंद्र सम्मेद शिखर में दिगम्बर जैनाचार्य वसुनन्दी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस पावन अवसर पर अलवर सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आचार्य श्री की अगवानी करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

    अलवर से पवन जैन चौधरी तथा तिजारा क्षेत्र से नरेश जैन और नरेंद्र जैन ने आचार्य श्री को शास्त्र भेंट किए। देशभर से आए भक्तों ने भक्ति भाव के साथ आचार्य संघ का स्वागत किया।

    भावुक हुआ गुरु-शिष्य मिलन

    धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन बड़जात्या ने बताया कि जब आचार्य श्री के शिष्य उनसे मिले तो गुरु-शिष्य का यह मिलन भावुक कर देने वाला था। गुरुवर ने अपने शिष्यों को गले लगाकर स्नेह प्रदान किया।

    सिद्धायतन से तेरह पंथी की ओर जैसे ही आचार्य श्री के कदम बढ़े, वैसे ही विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालु जगह-जगह पाद प्रक्षालन और आरती के लिए उमड़ पड़े।

    108 मीटर लंबा पंचरंगा ध्वज बना आकर्षण

    मंगल प्रवेश के दौरान 108 मीटर लंबा पंचरंगा ध्वज विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान युवा प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ और विभिन्न समितियों द्वारा ध्वज यात्रा निकाली गई।

    इस दौरान 108 पात्रों में मंगल कलशों से आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया। वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत नजर आया।

    संतों का अद्भुत संगम

    इस अवसर पर आचार्य संभव सागर महाराज, आचार्य वैराग्य नंदी महाराज, आचार्य ज्ञेयसागर महाराज, आचार्य सच्चिदानंद महाराज सहित कई संतों का ससंघ मिलन हुआ। साथ ही गणिनी आर्यिका शुभमती माताजी और उपाध्याय वृषभानंद महाराज की उपस्थिति ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।

    धर्मसभा में दिए महत्वपूर्ण संदेश

    तेरापंथी कोठी के प्रवचन हॉल में आयोजित धर्मसभा का शुभारंभ आर्यिका वर्धस्वनंदनी माताजी के मंगलाचरण से हुआ। आचार्य वसुनन्दी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यह शाश्वत तीर्थ है, जिसके कण-कण में अद्भुत शक्ति समाहित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से तीर्थ की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और प्रकृति संरक्षण का ध्यान रखने का आह्वान किया।

    मुनि शिवानंद महाराज ने भी तीर्थ और प्रकृति की रक्षा के लिए सजग रहने का संदेश दिया।

    देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

    इस अवसर पर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन शास्त्री, संजय शास्त्री और शैलेन्द्र जैन द्वारा किया गया।

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