नई दिल्ली | संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' करार दिया है। खरगे ने आरोप लगाया कि पीएम ने अपने भाषण में महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा कांग्रेस को निशाना बनाने पर ध्यान दिया।
खरगे के मुख्य आरोप:
प्राथमिकता पर सवाल: पीएम ने भाषण में 59 बार कांग्रेस का जिक्र किया, लेकिन महिलाओं के मुद्दों को नजरअंदाज किया।
देरी की राजनीति: सरकार 2023 में पारित कानून को तुरंत लागू करने के बजाय परिसीमन का बहाना बना रही है। कांग्रेस की मांग है कि मौजूदा सीटों में ही 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: आचार संहिता लागू होने के बावजूद आधिकारिक मंच से विपक्ष पर हमला करना लोकतंत्र की अवहेलना है।
अनदेखी: महंगाई, आर्थिक मंदी और बेरोजगारी जैसे गंभीर संकटों पर पीएम के पास कोई ठोस समाधान नहीं था।


