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    Homeराजनीति“बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत तय”—दिलीप घोष का बड़ा दावा

    “बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत तय”—दिलीप घोष का बड़ा दावा

    कोलकाता/खड़गपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में 23 अप्रैल को पहले चरण और 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। चुनाव से ठीक पहले खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार और मेदिनीपुर के पूर्व सांसद दिलीप घोष ने अपनी जीत का अटूट विश्वास जताया है।

    "ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता फिसल चुकी है"
    पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है। घोष ने कहा:

    "अब टीएमसी के विदाई का समय आ गया है। ममता बनर्जी के पास अब खोने के लिए ही सब कुछ बचा है, पाने के लिए नहीं। उनका सत्ता से बाहर होना अब केवल समय की बात है।"

    केंद्रीय बलों की तैनाती पर जताया भरोसा
    दिलीप घोष ने चुनाव प्रक्रिया में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में पुलिस और स्थानीय गुंडों का गठजोड़ मतदाताओं को डराने का काम करता है।

    भयमुक्त मतदान: घोष के अनुसार, बूथों पर केंद्रीय बलों की मौजूदगी से आम नागरिक बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

    गुंडागर्दी पर लगाम: उन्होंने कहा कि यदि सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों का कड़ा नियंत्रण रहता है, तो टीएमसी के तथाकथित 'गुंडे' मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

    खड़गपुर सदर: 2016 का इतिहास दोहराने की चुनौती
    दिलीप घोष के लिए खड़गपुर सदर सीट प्रतिष्ठा का विषय है।

    पिछला रिकॉर्ड: घोष ने 2016 में इसी सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर अपना चुनावी सफर शुरू किया था। 2019 में सांसद बनने के बाद उन्होंने यह सीट खाली कर दी थी।

    कांटे की टक्कर: इस बार उनका सीधा मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है। प्रदीप सरकार, जो पूर्व में विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष रह चुके हैं, 2021 की हार का बदला लेने और अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश में हैं।

    चुनावी समीकरण: खड़गपुर की इस "मिनी इंडिया" कही जाने वाली सीट पर भाजपा का मजबूत आधार रहा है, लेकिन टीएमसी की वापसी की कोशिशों ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। सबकी निगाहें अब 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं।

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