उदयपुर। उदयपुर में चिकित्सा जगत का एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहाँ मौत को मात देकर एक युवक नई जिंदगी के साथ वापस लौटा है। एक भीषण सड़क हादसे में लोहे का पाइप युवक के सीने के आर-पार हो गया था, जिसे डॉक्टरों ने 4 घंटे के बेहद जटिल ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाल लिया।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
यह घटना 24 अप्रैल की शाम चित्तौड़गढ़ के बेगूं क्षेत्र की है। दीपक खटीक नाम का युवक अपनी बाइक से चेची रोड से गुजर रहा था।
अंधेरा बना काल: सड़क किनारे एक खराब ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी। अंधेरा होने और ट्रॉली में बैक लाइट न होने के कारण दीपक उसे देख नहीं पाया और सीधे जा टकराया।
सीने में घुसा पाइप: ट्रॉली में लोहे के पाइप लदे थे, जिनमें से एक पाइप (करीब 9 इंच लंबा और 4 सेमी मोटा) दीपक की पसलियों को तोड़ते हुए फेफड़े को चीरकर गर्दन के पास से बाहर निकल गया।
मौके पर बचाव: स्थिति इतनी विकट थी कि मौके पर ही कटर की मदद से पाइप के बाहरी हिस्से को काटना पड़ा। इसके बाद लहूलुहान हालत में उसे उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर किया गया।
4 घंटे चली 'लाइफ सेविंग' सर्जरी
अस्पताल पहुँचने तक दीपक की हालत अत्यंत नाजुक थी। जांच में पता चला कि पाइप ने फेफड़े के साथ-साथ मुख्य रक्त वाहिकाओं (धमनी और शिरा) को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था।
डॉक्टरों की टीम: कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
जटिल प्रक्रिया: करीब 4 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने न केवल उस एल-आकार के पाइप को शरीर से बाहर निकाला, बल्कि क्षतिग्रस्त फेफड़े और रक्त वाहिकाओं की मरम्मत भी की। साथ ही टूटी हुई पसलियों को जोड़ा गया।
चमत्कार से कम नहीं है दीपक की रिकवरी
चिकित्सा विज्ञान में इस तरह की चोटों को 'इम्पेलमेंट इंजरी' कहा जाता है, जिसमें जीवित बचने की दर बहुत ही कम होती है।
डॉक्टरों का बयान: डॉ. नैथानी और आरआरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम ने इसे एक 'चमत्कार' करार दिया है। उनके अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचना और सटीक सर्जरी ने दीपक को नया जीवन दिया है।
वर्तमान स्थिति: ऑपरेशन के बाद दीपक की हालत अब स्थिर है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।


